उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सप्ताह पूर्व हुई लगातार बारिश से लार सीएचसी के एक्सरे वाले कमरे में जल भराव होने से एक्सरे लैब बंद था।
एक्सरे कराने आए मरीजों और तीमारदारों को डॉक्टर निजी एक्सरे कराने की सलाह देते थे। बृहस्पतिवार को मरीजों के साथ आए नाराज तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा एक्सरे लैब खोलने की मांग करने लगे।
दबाव बढ़ता देख एक्सरे मशीन चालू करने पहुंचे एक्सरे टेक्नीशियन करंट की चपेट में आ गए। संयोग ठीक रहा कि वह बच गए। यह देख मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। एक सप्ताह पूर्व हुई लगातार बारिश से सीएचसी सहित एक्सरे लैब के कमरे में जल जमाव हो गया। इसके वजह से एक्सरे लैब को बंद कर दिया गया। अस्पताल आए मरीजों को एक्सरे के लिए भटकना पड़ रहा है।
आरोप है कि डॉक्टर अस्पताल गेट पर निजी एक्सरे कराने की सलाह दे रहे हैं। नतीजा मरीजों की आर्थिक परेशानी बढ़ जा रही है। बृहस्पतिवार को एक्सरे कराने पहुंचे मरीजों के साथ तीमारदारों ने एक्सरे लैब खोलने का दबाव बनाने लगे।
तीमारदारों का गुस्सा देख टेक्नीशियन राघवेंद्र सिंह एक्सरे मशीन चालू करने चले गए। जैसे ही मशीन चालू किए मशीन में करंट प्रवाहित हो गया। संयोग ठीक रहा की वह बाल-बाल बच गए। आनन-फानन में बिजली काटकर मशीन को बंद किया गया।