आईटीएम के बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन के छात्र अमित श्रीवास्तव, मुस्कान शेख, अमृता कुमारी, अभिषेक गुप्ता, शालिनी और सिद्धार्थ मौर्या ने मिलकर इस नैनो रोबो टैंक का निर्माण किया है। इसमें लगे गन को वायरलेस सिस्टम की मदद से ऑपरेट किया जा सकेगा।
इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा के 6 छात्रों ने महज डेढ़ किलोग्राम वजन वाला एक टैंक बनाया है। यह रोबोट की तरह दुश्मन सेना में घुसकर न सिर्फ उनके बिछाए लैंडमाइन को नष्ट करेगा, बल्कि टैंक व सिपाहियों पर भी गोलाबारी करने में सक्षम होगा। इस टैंक को दूर बैठकर वायरलेस सेट के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। यह टैंक सेना के जवानों को युद्ध के मैदान में काफी राहत दे सकता है।
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आईटीएम के बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन के छात्र अमित श्रीवास्तव, मुस्कान शेख, अमृता कुमारी, अभिषेक गुप्ता, शालिनी और सिद्धार्थ मौर्या ने मिलकर इस नैनो रोबो टैंक का निर्माण किया है। इसमें लगे गन को वायरलेस सिस्टम की मदद से ऑपरेट किया जा सकेगा। बिना इंटरनेट की मदद लिए इसे दूर बैठक कैमरे व स्क्रीन की मदद से ऑपरेट किया जा सकेगा। इसीलिए बिना दुश्मन की नजर में आए ही इस टैंक की मदद से दुश्मन खेमे में अपने ऑपरेशन को पूरा किया जा सकेगा।
छात्रों ने प्रोजेक्ट संस्थान के सहायक आचार्य विनीत राय के निर्देशन में तैयार किया है l रेडियो रिमोट ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस ये नैनो रोबो टैंक दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखेगा। इस टैंक को बनाने में गियर मोटर, गन बैरल पाइप, रेडियो रिमोट, 3.7 वोल्टेज बैटरी, मिनी एलसीडी स्क्रीन, इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर, रेडियो कैमरा इत्यादि उपकरणों का प्रयोग किया गया है।
इस पर कुल मिलाकर करीब 18 हजार रुपये का खर्च आया है।संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने बताया कि कॉलेज के इनोवेशन सेंटर में छात्र अपने नए-नए आइडिया पर कार्य करते रहते हैं। संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल आदि ने छात्रों को इसके लिए बधाई दी है।