महराजगंज जिले में श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसहिया खुर्द निवासी मनीष कुमार तिवारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में बतौर जवान के रूप में तैनात थे। दशहरा की छुट्टी मनाने घर आए थे और तीन दिन पहले 29 अक्तूबर को वह घर से ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ते में ही अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सीआरपीएफ जवान की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया।
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसहिया खुर्द निवासी सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार त्रिपाठी को वर्ष 2015 में राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत भी किया गया था। उन्होंने झारखंड में हुए नक्सलवादी हमले में एक कमांडर समेत चार नक्सलवादियों को मार गिराया था। जिसके कारण उन्हें उस समय के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पुरस्कृत किया था।
वर्तमान में मनीष कुमार त्रिपाठी की तैनाती केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक कार्यालय दिल्ली में थी। वह दशहरा में छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। 29 अक्तूबर को वापस घर से ड्यूटी के लिए जा रहे थे तभी 30 अक्तूबर 2023 को अचानक से मनीष के सीने में तेज दर्द हुआ। तत्काल इनको राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।