बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में ही दो तीन परिवारों के करीब 15 लोग काफी हिम्मत दिखाने के बाद भी कोच में नहीं चढ़ पाए। थक हारकर प्लेटफॉर्म पर ही बैठ गए। उनमें से एक को किसी ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर पौने पांच बजे वैशाली एक्सप्रेस आएगी। उसमें कोशिश करिए। इसके बाद सभी वैशाली एक्स्प्रेस का इंतजार करने रवाना हो गए।
जुर्माना लेकर टिकट बना दें, हम चले जाएंगे
प्लेटफॉर्म नौ, समय शाम के सवा चार बजे थे। दो-तीन लड़के सामान लेकर दौड़ते हुए टीटीई के पास आए। बोले, साहब जुर्माना लेकर टिकट बना दें। टीटीई ने कहा, भीड़ ज्यादा है जाओगे कैसे? इरफान नामक युवक बोला, किसी तरह लटक कर चले जाएंगे। ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) लेकर टीटीई ने दिल्ली का टिकट बना दिया।
जहां रखना था सामान, वहां बैठे थे यात्री
गोरखधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में भीड़ का अनुमान इसी से लगा सकते हैं कि जहां सामान रखने की जगह थी, वहां यात्री बैठे थे। सामान उनकी गोद में था। एक-एक बर्थ पर पांच से सात लोग बैठे थे। भीड़ में पैक होने से महिलाएं और बच्चों की सांसत थी। अपनाहट से बच्चे चिल्ला रहे थे, महिलाएं किसी तरह उन्हें चुप कराने की कोशिश में लगी थीं।
ट्रेनों में होली के बाद भीड़ का अंदेशा रेलवे प्रशासन को बखूबी था। लेकिन, बृहस्पतिवार को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए ट्रेन के पास न तो आरपीएफ के जवान दिखे और न ही जीआरपी। जबकि, दावा किया गया था कि सभी ट्रेनों पर एक एसआई और दो सुरक्षाकर्मी अलग से लगाए जाएंगे।
...और उधर यात्रियों का इंतजार करती रहीं लंबी दूरी की बसें
होली के अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को रेलवे बस स्टेशन पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर तीन बजे के बाद थोड़े यात्री लोकल रूटों की बस पकड़ने पहुंचे, लेकिन लंबी दूरी की बसों को सवारियां नहीं मिलीं।
परिवहन निगम ने होली के मद्देनजर यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इस लिहाज से तैयारियां कर रखीं थीं, निगम की ओर से अतिरिक्त बसें भी लगाई गई थीं। निगम के जिम्मेदारों को उम्मींद थी कि होली पर घर लौटे लोग अगले दिन वापस जाने के लिए निकलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार को दिनभर रेलवे बस स्टेशन पर लंबी दूरी की बसें यात्रियों के इंतजार में खड़ी रहीं। इक्का-दूक्का ही सवारियां पहुंचीं। वहीं दोपहर तीन बजे के बाद कुछ सवारियां लोकल रूटों पर नजर आईं, लेकिन उनकी संख्या भी बहुत ज्यादा नहीं थीं। बता दें कि होली पर होने वाली यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर परिवहन निगम छह से 14 मार्च के बीच 200 अतिरिक्त बसों का संचालन कर रहा है।