चारों तरफ माह-ए-रमजान की रौनक है। शुक्रवार की सुबह लोगों ने मिलकर सहरी खाई और इबादत में जुट गए। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। शाम के समय घरों में महिलाओं ने इफ्तार के विभिन्न पकवानों को बनाना शुरु किया। असर की नमाज घरों व मस्जिदों में अदा की गई। इफ्तार तैयार होने के बाद मुसाफिरों व गरीबों के लिए मस्जिदों में भेजी गई। पूरा दिन यानी पहला रोजा अल्लाह की इबादत में गुजारा। इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज अदा की गई। फिर रात में एशा, तरावीह, वित्र और नफ्ल नमाज पढ़ी। बाजारों में भी सेवई व खजूर, सहरी-इफ्तारी की दुकानें सज चुकी हैं।
पुस्तक का विमोचन
मजलिस असहाबे कलम गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘तज्किरा सैयदना अमीर मुआविया’ का विमोचन शुक्रवार को चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में जुमा की नमाज के बाद उलमा किराम ने किया। पुस्तक में इस्लाम धर्म के ताल्लुक से कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बातों का उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम में मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी, पुस्तक के लेखक कारी मोहम्मद अनस रजवी, मुफ्ती मेराज अहमद कादरी, मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, मौलाना महमूद रजा कादरी, नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, हाफिज आमिर हुसैन निजामी, हाफिज रहमत अली निजामी, सैयद नदीम अहमद, अली गजनफर शाह आदि मौजूद रहे।
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दूसरा रोजा इफ्तार
25 मार्च
सुन्नी - 06:16 बजे
शिया - 06:22
26 मार्च
तीसरा रोजा सहरी
सुन्नी - 04:29 बजे
शिया - 04:23 बजे