वहीं, दूसरी ओर विभाग को अब तक 20 व्यापारियों ने अपने स्टाॅक की जानकारी दी है। अन्य व्यापारी अभी अपने स्टाक की जानकारी देने से बच भी रहे हैं। इन दवाओं में कोडिस्टार कफ सिरप, स्कोरिल सी सिरप, नियोपार प्लस टैबलेट, लीकुफ जैसी दर्द निवारक और कोडीन युक्त सीरप है।
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ड्रग इंस्पेक्ट जय सिंह ने बताया कि अब तक 20 व्यापारियों ने एफडीसी दवाओं के स्टॉक संबंधी जानकारी दी है। इन दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। दवा व्यापारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि कंपनी को दवा वापस कर दें। मामले में पूरी निगाह रखी जा रही है।
250 से 300 ब्रांड के नाम से बनती हैं ये दवाएं
बताया जा रहा है कि जो 14 फिक्स डोज कंबीनेशन प्रतिबंधित की गई हैं, वे 250 से 300 ब्रांड के नाम से बनती हैं। इनके प्रतिबंध से इन कंपनियों के लिए काम करने वाले दवा व्यापारियों के करोड़ों रुपये फंस भी गए हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने दवा व्यापारियों से समय भी मांगा है। ऐसे में यह दवा व्यापारी चाह नहीं रहे हैं कि उनके पास ये दवाएं रहें। प्रतिदिन भालोटिया मार्केट से इन दवाओं की बिक्री 70 से 75 लाख रुपये की है।