अगस्त 2022 में गीडा, संतकबीरनगर से छह लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाओं को बरामद किया था। तब गोरखपुर के व्यापारी द्वारा घूस के रूप में भेजे गए 15 लाख रुपये भी जब्त किए हैं। ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये दवाएं नारकोटिक्स ड्रग्स में (एनडीपीएस) में शामिल हैं, इसे बिना चिकित्सक के पर्चे के नहीं बेचा जा सकता है। तब गीडा थानाक्षेत्र के तेनुआ टोल प्लाजा के पास वाराणसी-बस्ती मंडल के सहायक औषधि आयुक्त नरेश मोहन दीपक और डिप्टी कमिश्नर ड्रग्स गोरखपुर मंडल एजाज अहमद के नेतृत्व में एक कंटेनर से दवा बरामद की गई थी।
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महराजगंज में पकड़ा गया था 682 करोड़ की दवा
महराजगंज में फरवरी 2022 में पुलिस ने ड्रग माफिया गोविंद गुप्ता और उसके चार साथियों के पास से 682 करोड़ की नशीली दवा बरामद की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी की संपत्ति को भी कुर्क कर दिया है। मामले में पूरे प्रदेश में सरगना के रूप में कुख्यात ड्रग माफिया गोविंद गुप्ता का नाम उजागर हुआ था। लगभग एक वर्ष पूर्व से ही लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण की विवेचना के बाद गोविंद गुप्ता की इस अवैध मादक पदार्थों के व्यापार से अर्जित की गई संपत्ति पर प्रशासन ने 2023 में जब्त किया है।