उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में शनिवार को सरयू नहर तामेश्वरनाथ पुलिस चौकी के समीप टूट गई। जिससे आस-पास के कई गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसी जगह पर बार-बार नहर के टूटने और फसल को हो रही क्षति से किसान नाराज हो गए।
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टूटने वाली जगह पर नहर को पक्का बनाने, क्षति हुई फसल का मुआवजा दिए जाने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की मांग को लेकर किसानों ने धनघटा- खलीलाबाद मार्ग को जाम कर दिया। जाम से यातायात प्रभावित रहा। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने समझा बुझाकर जाम हटवाया।
तामेश्वरनाथ पुलिस चौकी के समीप सरयू नहर के टूटने से मंझरिया, मैनसिर, भेड़िया, नौरंगिया, गंगा देवरिया समेत कई गांवों के किसानो की गेहूं की खेत में खड़ी सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इस घटना से गुस्साए किसानों ने सपा नेता प्रदीप सिंह के नेतृत्व में धनघटा- खलीलाबाद मार्ग को तामेश्वरनाथ नहर पुलिया के पास जाम कर दिया।
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डेढ़ घंटे तक जाम लगाकर धरने पर बैठने की वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइने लग गई। सूचना पर पहुंचे एसडीएम राज नारायण त्रिपाठी व सीओ गयादत्त मिश्र ने किसानों को समझा बुझा कर जाम समाप्त कराया। किसानों ने एसडीएम को मांग पत्र सौंपा।
किसानों की मांग है कि नुकसान फसल का मुआवजा दिया जाए। नहर के किनारा को पक्का कराया जाए और भविष्य में नहर टूटने की दशा में जल निकासी के रास्ते का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फसल डूबने से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
सरयू नहर टूटने की वजह से मंझरिया, मैनसिर, भेड़िया, गंगा देवरिया, नौरंगिया आदि गांव के 100 से किसानों की सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेत में खड़ी गेहूं की फसल डूब जाने से किसानों के फसलों के सहारे बुने गए अरमानों पर पानी फिर गया।
मंझरिया गांव निवासी पीड़ित किसान वंश बहादुर यादव ने बताया कि उनका चार बीघा गेहूं की फसल डूब गई । अब समझ में नहीं आ रहा कि परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। किसान दुर्गावती ने बताया कि हर साल नहर टूटती है। अभी धान की फसल भी नहर टूटने से बर्बाद हो गई थी। अब गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई ऐसी दशा में अब खाने के लिए इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।
किसान रामरक्षा, राम करण, सूर्यकरण, रामदास, रामानंद, रामवृक्ष, प्रेमलाल, धर्मेंद्र सचिन, रामनाथ का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है कि हर साल नहर टूट जा रही है। फसलों के नुकसान होने से किसानों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
एसडीएम राज नारायण त्रिपाठी और सीओ गयादत्त मिश्र ने बताया कि किसानों की मांग जायज है। बार-बार नहर टूटने की वजह से समस्या उत्पन्न हो रही है। पत्थर से नहर की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इसमें जो भी जिम्मेदार दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।