दिल्ली से एंबुलेंस के जरिए आए मरीज की सहजनवा बैरियर पर जांच भी हुई थी और एंबुलेंस नंबर दर्ज भी किया गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने सीधे जिला अस्पताल जाने की हिदायत भी दी थी मगर एंबुलेंस चालक घर वालों के कहने पर एंबुलेंस लेकर सीधे बांसगांव चला गया और हंगामा होने के बाद फिर जिला अस्पताल में लाया गया।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर एक मरीज एंबुलेंस से बांसगांव अपने घर पहुंच गया। एंबुलेंस देखते ही गांव वालों ने विरोध किया तो पुलिस पहुंची और फिर मरीज को जिला अस्पताल लाया गया। इसे लेकर पुलिस प्रशासन पर एक बार फिर सवाल खड़ा हुआ कि 2 दिन पहले चेकिंग ना करने की गलती क्या फिर दोहरा दी गई।
मरीज का आने की जानकारी होने पर अफसर भी जांच पड़ताल में जुटे तो पता चला कि मरीज की जांच भी हुई थी और उसे अस्पताल जाने की सलाह भी दी गई थी मगर घर वालों के कहने पर एंबुलेंस चालक लेकर बांसगांव पहुंच गया था। सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि बैरियर पर मरीज की जांच हुई थी और उसे जिला अस्पताल भेजा गया था मगर एंबुलेंस वाला बांसगांव लेकर चला गया था।