प्रदुमभन की गिरफ्तारी के बाद ही महिला की पहचान हो गई जिसके बाद पुलिस ने पूनम के भाई को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने पूनम के भाई की तहरीर पर ही केस दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया। पूछताछ में प्रदुमभन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज आने के बाद पूनम ने उसे फोन किया था और साथ में घूमने के बाद वह उसके घर जाने की जिद करने लगी।
खाली प्लाट सुनसान होने की वजह से दोनों दिनभर वहीं पर बैठे रहे। काफी समझाने पर भी नहीं मानने पर प्रदुमभन ने पूनम का गला दबाने की कोशिश की। भागते समय पूनम तार में फंस कर गिर गई जहां प्रदुमभन ने उसकी सिर कूंचकर हत्या कर दी। इस दौरान ही पर्ची और घड़ी मौके पर गिर गई।
साथ में लेकर आई थी जहर
पूनम अपने साथ जहर भी लाई थी। प्रदुमभन ने पुलिस को बताया कि पूनम ने कहा कि अगर घर नहीं ले जा सकते हो तो साथ जहर खा लो। दोनों मर जाएंगे, नहीं तो अपने पति के माध्यम से तुम्हें फंसा दूंगी। प्रदुमभन ने बताया कि तीन बहनों में वह अकेला भाई है।
पूनम का पति विदेश में नौकरी करता है। वह बच्चों को पढ़ाने के लिए गौरीबाजार में रहती थी। घर से मंदिर जाने की बात कहकर पूनम 25 अगस्त की सुबह घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटने पर घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर भी संपर्क करने का कोशिश की। 26 अगस्त को गौरीबाजार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में यह थे शामिल
प्रभारी निरीक्षक रवि राय, रामभवन यादव, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार राय, सादिक परवेज, रामकृपाल यादव, अनिल यादव, राहुल कुमार, योगेश सिंह, सनातन सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, नमित मिश्रा, अशोक चौधरी आदि गिरफ्तारी टीम में शामिल थे।