सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस कर्मियों के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि दारू व बालू की तस्करी कभी बंद नहीं हो सकती। करीब छह मिनट के इस ऑडियो में बार्डर क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की पूरी कहानी बयां हो रही है। चर्चा है कि यह ऑडियो तरयासुजान पुलिस का है, लेकिन एसओ इससे इनकार कर रहे हैं।
वहीं सीओ तमकुहीराज प्रकरण संज्ञान में होने व जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। एडिशनल एसपी अयोध्या प्रसाद सिंह ने इस मामले में एसओ तरयासूजान सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं बहादुर पुलिस चौकी का पूरा स्टॉफ लाइन हाजिर हो गया है।
वायरल हो रहे ऑडियो में दावा किया गया है कि दारू और बालू कभी भी बंद नहीं हो सकता है। पुलिस तो महज एक हजार ट्रक में से एक को पकड़कर अपनी औपचारिकता पूरी करती है। अगर ऐसा भी नहीं किया जाए तो शेर को भोजन भला माद में कौन डालेगा। पुलिस के ये दावे विभाग और सरकार दोनों की पोल खोलकर रखने वाले हैं।
इस आडियो में एक बालू का ट्रक पकड़े जाने पर सिफारिश करने गए लोगों से बातचीत रिकार्ड है। ऑडियो में एसओ यह दावा कर रहे हैं कि हाईवे से जाने वाले ट्रकों को वे कभी भी नहीं पकड़ते हैं। कभी-कभी वे एक अदद ट्रक पकड़ कर औपचारिकता निभाते हैं। एक हजार ट्रक में से महज एक वाहन ही पुलिस पकड़ती है।
बाकी के ट्रकों में कुछ भी जा रहा है, उससे पुलिस को कोई मतलब नहीं है। केवल संबंधित को सिस्टम फॉलो करना पड़ेगा। बातचीत के क्रम में एसओ कहते हैं कि इंस्पेक्टर अगर फिल्ड में निकलेगा तो कुछ तो कार्रवाई होनी ही चाहिए। इसी तरह दावा किया जा रहा है कि बालू और दारू कभी भी बंद नहीं हो सकती है।
इस वायरल हो रहे ऑडियो के संबंध में तरयासुजान के एसओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि ऑडियो से उनका या उनके थाने का कोई लेना देना नहीं है। यह सब उनके खिलाफ साजिश है। अपर पुलिस अधीक्षक अयोध्या प्रसाद सिंह ने कहा वायरल ऑडियो की जांच कराई गई है। एसओ धमेंद्र सिंह और तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुरी बहादुरपुर चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।