त्रिभुवन के पास से पुलिस को खजनी के रहने वाले समीर नाम के व्यक्ति का आधार कार्ड मिला, जिस पर उसकी फोटो लगी थी। जिसका इस्तेमाल वह पहचान पत्र के तौर पर करता था। साथ ही उसके पास से कई फर्जी नंबर प्लेट मिले हैं। उस मामले में भी पुलिस ने त्रिभुवन के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज का केस दर्ज कर जांच कर रही है। डेविना हत्या की घटना में इस्तेमाल हुई बाइक उसने जिला अस्पताल से चुराई थी।
एसएसपी ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। हत्यारोपी दीपक नेभानी ने पुलिस के फुटेज जारी करने पर पहचान छिपाने को अपने बाल कटवा लिए। जिस सैलून में बाल कटवाए थे, उसी ने अखबारों में फोटो छपने की पुलिस को सूचना दी थी।
त्रिभुवन के करीबियों पर होगी कार्रवाई
फरारी के दौरान त्रिभुवन के संपर्क में जो लोग भी थे चाहे व दोस्त हों या रिश्तेदार या भाई पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। एसएसपी ने बताया कि बदमाश के संबंध उसके भाइयों से होने का प्रमाण मिलने पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर पुलिस संपत्ति जब्त कराएगी। उसके भाई भी अपराध में लिप्त रहे हैं।
त्रिभुवन ने अपने साथी दीपक के साथ मिलकर तिवारीपुर में महिला से चेन लूटी थी। लेकिन तिवारीपुर पुलिस ने केस ही दर्ज नहीं किया। थानेदार का कहना था कि महिला केस दर्ज कराने को तैयार नहीं है। जबकि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली थी। पुलिस यह जानती थी कि वह त्रिभुवन है, फिर भी केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू नहीं की। एसएसपी ने कहा कि इस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद बरगदवां होते हुए भागे थे दोनों
पुलिस के अनुसार प्रधानाध्यापिका निवेदिता उर्फ डेविना मेजर की हत्या की घटना के बाद दोनों बरगदवा होते हुए भागे थे। रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर तेल भराया था। पुलिस ने वहां की सीसीटीवी फुटेज से मिलान कराई। जिसमें यही दोनों थे। त्रिभुवन सुपारी लेकर हत्या भी करता था। उधर, उसके पुराने साथी यूनिश व दानिश ने गैंगस्टर लगने के बाद सरेंडर कर दिया था।