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यूपी: पुलिस ने विकास हत्याकांड का किया पर्दाफाश, ब्लैकमेल से परेशान होकर दोस्तों ने ली जान

Fri, 22 Jan 2021 06:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
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मामले का खुलासा करते पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले विकास हत्याकांड मामले का शुक्रवार को खुलासा हो गया। दोस्त के प्रेम-प्रसंग की जानकारी छिपाने के एवज में बार-बार पार्टी लेना विकास की मौत का कारण बना।

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दोस्त ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। विकास को बीयर और शराब पिलाई फिर गला दबा दिया। बेहोश होने पर गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया।
 
पुलिस लाइंस में पत्रकारों से रूबरू हुए एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि 19 जनवरी को इटवा थानाक्षेत्र के निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज में पचमोहनी निवासी विकास की हत्या कर शव छोड़ दिया गया था। हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच में टीम लगी थी। साथ में सर्विलांस की टीम प्रयासरत थी।
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इसी बीच शुक्रवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड से जुड़े तीन लोग सेमरी चौराहे पर स्थित बैंक के पास मौजूद हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। तीनों संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की कोशिश की तो भागने का प्रयास किए। मगर फोर्स अधिक होने के कारण पकड़ लिए गए।

पूछताछ में इन्होंने अपनी पहचान पिंटू पाल, पंकज निवासी पचमोहनी थाना ढेबरूआ और अतुल दुबे उर्फ विपिन दुबे निवासी गनवरिया पूरब थाना इटवा बताया। पूछताछ में तीनों ने विकास की हत्या की बात स्वीकारी। केस दर्ज करके तीनों को जेल भेज दिया गया।

 

यह थी हत्या की मुख्य वजह

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पिंटू का एक हमउम्र लड़की से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी विकास हो गई थी। अन्य लोगों को यह बात बता देने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। विकास बात छुपाने की एवज में पिंटू को पार्टी देने को मजबूर करता था। पिंटू इससे आजिज (परेशान) आ चुका था। पोल खुलने के डर से वह परेशान रहता था। इसके बाद दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। वह भी दोनों विकास से पूर्व परिचित थे। अक्सर साथ में उठना-बैठना होता था। इसी विश्वास में लेकर तीनों ने इटवा बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।

ये दोस्ती हम कभी न छोड़ेंगे
हत्याकांड में जो कहानी सामने आई है। इसमें एक दोस्त की परेशान देखकर दो दोस्त कत्ल तक करने का राजी हो गए। यहां न तो जमीन का मसला था और न ही पुरानी रंजिश। एक दोस्त की उलझन को दूर करने के लिए हत्या करने से नहीं डरे और नतीजा एक साथ जेल जाना पड़ा।

कई बार धमकी देकर ले चुका था पार्टी
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि प्रेम-प्रसंग की बात उजागर करने की धमकी देकर विकास कई बार पार्टी ले चुका था। जब उसे पार्टी लेनी होती थी तो धमकाना शुरू कर देता था। कभी-कभी तो वह अन्य लड़कों के बीच बोल भी चुका था। अगर न परेशान करता तो शायद आज जीवित होता।

 
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पार्टी के लिए बुलाकर दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक इस बार भी पार्टी के लिए विकास को बुलाया गया था। इटवा से बीयर और अंग्रेजी शराब लेकर आईटीआई कॉलेज पर गए। इसके बाद बैठकर पीने लगे और नशा होने के बाद पीछे से हाथ-पैर बांध दिया। गला दबाने से विकास बेहोश हो गया तो ब्लेड से गर्दन काट दी गई। पुलिस को भटकाने के लिए मोबाइल फोन दूसरे स्थान पर लेकर जाकर तोड़ दिया और फिर तालाब में फेंक दिया।

हत्यारोपियों के पास से मिले सामान
पुलिस टीम को आरोपियों से 350 रुपये नकद, एक मोबाइल, हत्या में प्रयोग खून से सना दस्ताना, बाइक, खून से सने हुए कपड़े, तीन अन्य मोबाइल फोन बरामद हुए।

पकड़ने वाली टीम को 35 हजार का इनाम
पकड़ने वाली टीम में एसओ इटवा वेदप्रकाश श्रीवास्तव, एसओ ढेबरुआ तहसीलदार सिंह, एसओ त्रिलोकपुर रणधीर मिश्र, एसओ गोल्हौरा शमशेर बहादुर सिंह, एसओजी प्रभारी पंकज पांडेय, एसआई रामेश्वर यादव, पवन तिवारी, आरक्षी आनंद प्रकाश यादव, राजीव शुक्ल, दिलीप द्विवेदी, वीरेंद्र त्रिपाठी, अखिलेश यादव, अवनीश सिंह, मृत्युंजय कुशवाहा शामिल रहे। टीम को 35 हजार रुपये का इनाम मिला है। इसमें 20 हजार एडीजी जोन गोरखपुर और 15 हजार रुपये एसपी सिद्धार्थनगर की ओर दिया गया।

सर्विलांस टीम ने दिलाई सफलता
अनसुलझे हत्याकांड को सुलझाने में सर्विलांस टीम का अहम योगदान रहा। सर्विलांस टीम के आरक्षी दिलीप द्विवेदी की लंबी पड़ताल के बाद पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे और पुलिस के हाथ कातिलों के गर्दन तक पहुंची।
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