एसपी ने बताया कि संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके अलावा बिना नंबर की कार, छह मोबाइल, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड आदि भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने बताया कि गैंगेस्टर के तहत सभी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। एसपी ने वर्कआउट करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने का एलान किया है।
ई-टिकट का फर्जी साफ्टवेयर बेचकर की गई काली कमाई को सफेद बनाने के लिए योगेंद्र विश्वकर्मा ने केवाईआर ब्राडबैंड कंपनी खोल रखा है। हामिद के रेड मिर्ची और एएनएमएस साफ्टवेयर को पूरे भारत में बेचकर जुटाई रकम उन कंपनी में डालता था। साथ ही गोल्ड मीडिया नाम की कंपनी बनाकर उसके जरिए भी अवैध रकम वैध करने में जुटा था।
इन्हें मिली कामयाबी
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कपिल मुनि सिंह, सीबीआई गोरखपुर के निरीक्षक दशरथ प्रसाद, आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव के अलावा एसओ हर्रैया सर्वेश राय, एसओ कप्तानगंज राज कुमार पांडेय, एसआई जितेंद्र सिंह और आरपीएफ के एएसआई रवींद्र सिंह शामिल रहे।