गोरखपुर में महाकाल और महादेव नाम के दो ग्रुप सक्रिय हैं। खोराबार, झंगहा, चौरीचौरा, देवरिया के गौरीबाजार, रुद्रपुर, महराजगंज और कुशीनगर के हाटा कोतवाली के रहने वाले कई युवक इस ग्रुप से जुड़े हैं। इसमें सभी की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच है। दोनों ग्रुप अपना वर्चस्व कायम करने केे लिए कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। फिल्मी स्टाइल में एक दूसरे की पिटाई कर दहशत फैलाते हैं।
दोहरे हत्याकांड में नाम आने पर पुलिस ने की थी सख्ती
खोराबार के रामनगर कड़जहां गांव के चचेरे भाई दिवाकर निषाद और कृष्णा की झंगहा के गौरीघाट बांध के किनारे 24 मई 2020 को गोली मारकर हत्या की गई थी। बदमाशों ने दावत के बहाने बुलावा कर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद महाकाल ग्रुप का नाम सामने आया था। तब पुलिस ने दोनों ग्रुप पर सख्ती शुरू की थी और तीन लोगों के नाम पते नोट कर कार्रवाई की तैयारी भी की गई थी। बाद में पुलिस ने निगरानी बंद कर दी और एक बार फिर ग्रुप के सदस्य सक्रिय होकर अपराध करने लगे हैं।