एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक से फ्रॉड करके मंगाई गई रकम में से करीब पांच लाख का भुगतान पेट्रोल पंपों से लिया गया है। पुलिस की जांच में कुशीनगर जिले के एक पेट्रोल पंप से एक ही दिन में करीब 70 हजार रुपये तेल के नाम पर कैश कराया गया है। इसके साथ ही कुशीनगर जिले के सेवरही स्थित एटीएम से भी कुछ रकम की निकासी की गई।
गोपालगंज, बेतिया और सीवान के कुछ पेट्रोल पंपों से कैश और एटीएम से भुगतान लिया गया है। इसमें पेट्रोल पंप कर्मियों की भी संलिप्तता होने का अंदेशा पुलिस को है। इसके साथ ही शाखा प्रबंधक के जरिए जिस मोटर एजेंसी मालिक के खाते से जालसाज के बताए खाते में रकम ट्रांसफर हुई है। उससे मोटर एजेंसी के मालिक के भी कुछ कर्मियों पर पुलिस का शक गहरा गया है।
पुलिस का मानना है कि मोटर एजेंसी के मालिक के खाते का चेक नंबर आखिर जालसाज गैंग तक कैसे पहुंचा। इसमें कहीं न कहीं मोटर एजेंसी मालिक के कर्मियों की संलिप्तता हो सकती है। इसके साथ बैंक के कर्मियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की जरूरत जताई गई।
संतकबीरनगर एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि फर्जी टू कॉलर आईडी का प्रयोग करके फ्राड कॉल के जरिए अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में फैला हुआ है। जालसाजों का एक संगठित गिरोह है। अब तक गैंग से जुड़े नौ सदस्य प्रकाश में आ चुके हैं। गैंग फ्रॉड से मंगाई गई रकम को पेट्रोल पंपों से कैश कराता है। इससे पंप कर्मियों की संलिप्तता उजागर हो रही है।
पेट्रोल पंप गाड़ियों से तेल चोरी का अड्ड बन रहे हैं। पंप मालिकों को चाहिए कैश ट्रांजेक्शन कत्तई न होने दें। वैसे इस प्रकरण में पंप कर्मियों की भूमिका की जांच हो रही है। संबंधित मोटर एजेंसी मालिक के कर्मियों की भूमिका भी जांची जा रही है। इस घटना में शामिल गैंग के मुखिया समेत सात सदस्य पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना में जो भी शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।