जानकारी के मुताबिक, पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी टोला शाहगंज निवासी प्रापर्टी डीलर अरुण निषाद के भाई दीपचंद निषाद पर मंगलवार की रात हुआ हमला जमीन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर शुरू हुई आदवत का परिणाम है।
पुलिस के मुताबिक, अरुण निषाद और छोटू प्रजापति लंबे समय से जमीन के कारोबारी है। पहले यह लोग गुलरिहा के हिस्ट्रीशीटर बदमाश राकेश यादव के साथ जुड़े थे। बाद में अरुण और छोटू ने उससे अलग होकर जमीन का कारोबार शुरू कर दिया। यहीं से दोनों के बीच जंग की शुरुआत हुई है।
गुलरिहा इलाके के झुगिया बाजार निवासी छोटू प्रजापति और पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी, टोला शाहगंज निवासी अरुण निषाद पर 19 दिसंबर 2019 को मेडिकल कॉलेज चौकी के पास कुछ महीने पहले हमला हुआ था। छोटू को गोली भी लगी थी।
तब पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार किया था और सामने आया था कि राकेश सिंह ने ही दोनों को मरवाने के लिए सुपारी दी थी। पुलिस ने 28 फरवरी को विपिन सिंह को गिरफ्तार किया था जिसके बाद पूरा मामला सामने आया था।
एक सप्ताह पहले विपिन सिंह जमानत पर जेल से छूटा था। मंगलवार की शाम को वह झुगिया बाजार में राकेश यादव के घर दावत पर गया था। पीने-पिलाने का दौर चला रहा था। इसी बीच किसी ने उसे सूचना दी कि छोटू प्रजापति इस समय अरुण निषाद के घर पर मौजूद है।
उसी समय छोटू को गोली मारने का निर्णय लेकर दो दोस्तों के साथ वह अरुण निषाद के घर के लिए रवाना हो गया, लेकिन उसे न छोटू मिले और न ही अरुण। उस समय घर पर मौजूद अरुण के भाई पर ही उसने गोली चला दी।
मुठभेड़ का ग्रामीणों ने वीडियो भी बनाया
प्रापर्टी डीलर अरुण निषाद के भाई को गोली मारने के बाद बदमाशों का ग्रामीणों ने भी पीछा किया। इसी दौरान पुलिस भी पहुंच गई और घेराबंदी कर ली थी। पुलिस और बदमाश के बीच हो रही फायरिंग का ग्रामीण वीडियो भी बना रहे थे। बताया जा रहा है कि इस वीडियो में कई ऐसी तस्वीरें कैद हो गई है जो लाइव एनकाउंटर की गवाही है।