तीन-चार महीने से राजकुमार की मोबाइल फोन पर लंबी बातचीत होने लगी थी। प्रेमिका का मोबाइल फोन लगातार व्यस्त होने से अंगद को शक हुआ। जांच-पड़ताल में उसका शक पुख्ता हो गया कि राजकुमार ही युवती से काफी देर तक बात किया करता है।
इसके बाद अंगद ने राजकुमार को रास्ते से हटाने की ठान ली। 29 अगस्त की रात युवती से मिलकर राजकुमार अपने गांव बालमपुर जा रहा था। डेबरी गांव के पास पहले से घात लगाए अंगद ने डंडे से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। राजकुमार की मौत के बाद शव को घसीट कर पानी भरे गड्ढे में धकेल दिया।
आरोपी अंगद की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया। पुलिस ने अंगद को जेल भेज दिया। एसपी ने हत्या का पर्दाफाश करने वाली टीम में एसओ धनघटा सुरेंद्र शर्मा, एसआई रमेश कुुमार यादव, कांस्टेबल आनंद कुमार, लवकेश यादव और सर्विलांस टीम के कांस्टेबल प्रदीप कुशवाहा और अभय उपाध्याय को शाबाशी दी।