लालजी के ललकारने पर मारपीट शुरू हो गई। जानकारी होने पर कोकिल के घर के लोग भी पहुंच गए। मारपीट में लाइसेंसी असलहा और तमंचा निकल गया और ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव में अफरातफरी मच गई।
सूचना पर एसडीएम ध्रुव शुक्ल, सीओ देव आनंद, प्रभारी थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ देवआनंद ने बताया कि रास्ते के विवाद को लेकर गोली चली है। जिसमें गोली लगने से रमेश और कोकिल की मौत हो गई। जबकि घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है।
रास्ते के विवाद में दर्जनों बार हो चुकी है पंचायत
बरहज क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में पूर्व प्रधान और सेवानिवृत्त शिक्षक लल्लन यादव और हंसनाथ के घर से रास्ते का विवाद चला आ रहा है। लोगों का कहना है कि साल 2000 में प्रधान बनने पर लल्लन यादव ने गांव के मुख्य सड़क से बैजनाथ के मकान तक लोगों के आने-जाने के लिए अपनी जमीन में रास्ता निकाला था। बाद में जिस पर खड़ंजा कराने को लेकर विवाद होने लगा। विवाद में करीब 25 बार दोनों पक्षों में पंचायत हो चुकी है। पूर्व प्रधान लल्लन का 10 दिन पूर्व निधन हो गया था। जिनका 26 नवंबर को ब्रह्मभोज है।