एसटीएफ गोरखपुर यूनिट की टीम व चौरीचौरा पुलिस ने तरकुलहा से नौ गो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तस्कर पुलिस पर गाड़ी चढ़ाकर भागने का प्रयास कर रहे थे।
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जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम ने 150 गोवंश को मुक्त कराकर कान्हा उपवन भेज दिया है। पांच ट्रकों से गोवंश को छपिया से बिहार के छपरा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने पांचों ट्रक को कब्जे में लिया है। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने हत्या का प्रयास, साजिश, गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, ट्रांसपोर्ट ऑफ एनिमल रूल्स के तहत केस दर्ज किया है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थीं कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से गोरखपुर व कुशीनगर के रास्ते बिहार के लिए गोवंश की तस्करी हो रही है। जांच में पता चला कि बलिया के परमानंदापुर प्रेमचक उर्फ उमरगंज निवासी मोहम्मद खालिद उर्फ रिंकू ज्यादा रेट पर किराए पर ट्रक लेकर गो तस्करी कराता है। उसके साथ देवरिया में सिपाही के पद पर तैनात रामानंद अपना ट्रक लगाकर तस्करी कराता है। खालिद व रामानंद गोवंश को देवरिया के कंचनपुर निवासी अनवर की मदद से बिहार में भेज देते हैं।
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एसटीएफ के अनुसार खालिद गैंग का सरगना है। वह दूसरे वाहन से बिहार तक ट्रकों के आगे पीछे जाता है। मंगलवार रात करीब एक बजे सूचना मिली कि पशुओं से लदे पांच ट्रक बिहार जा रहे हैं। चौरीचौरा पुलिस की मदद से तरकुलहा मंदिर तिराहे के पास बैरियर लगाकर घेराबंदी की गई। ट्रकों को रोकने पर तस्करों ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया और भागने लगे। टीम ने पीछा कर ट्रकों को रोक लिया। ट्रकों के रुकते ही तस्कर भागने लगे। पीछा कर नौ तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए तस्करों की पहचान बलिया के टेढ़वा निवासी आशीष कुमार यादव, गोला के रतनपुरा निवासी सत्यपाल यादव, बक्सर बिहार के छोटकी वैशाली निवासी अनिल कुमार यादव, बलिया के बनकटा निवासी जयचंद्र कुमार यादव, टेढ़वा बलिया निवासी उमेश यादव, बलिया के बंजरहा निवासी गनेश कुमार यादव, बलिया के भेलाई निवासी छट्ठू यादव, बलिया के जगदीशपुर निवासी वशिष्ठ पांडेय और गगहा के गजपुर निवासी रमेश यादव के रूप में हुई। इनके पास से 150 गोवंश, पांच ट्रक, पांच मोबाइल फोन, 2710 रुपये, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड व एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला है।
एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में पता चला कि गोवंश को बलिया के मोहम्मद खालिद ने अपनी मौजूदगी में छपिया से ट्रक पर लदवाया था। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि ट्रकों में कुछ गोवंश देवरिया में तैनात सिपाही रामानंद यादव के भी थे। खालिद व रामानंद के कहने पर गोवंश को बिहार के छपरा ले जाया जा रहा था। ट्रकों को भिजवाने में देवरिया का अनवर मदद करता है।
देवरिया का अनवर व देवरिया में तैनात सिपाही रामानंद यादव चेक पोस्टों से गाड़ियों को पास करा देते हैं। एसटीएफ के अनुसार देवरिया में तैनात सिपाही रामानंद यादव मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला है। वहीं अनवर पहले गांव का प्रधान था। एसटीएफ ने बताया कि अनवर उर्फ प्रधान, सिपाही रामानंद व सरगना खालिद उर्फ रिंकू लंबे समय से गो तस्करी में लिप्त हैं। इसी कमाई से इन तीनों ने काफी संपत्ति अर्जित की है। अब एसटीएफ इन तीनों की तलाश में जुटी है।
गो तस्करी पर एक सप्ताह में एसटीएफ की तीसरी कार्रवाई
एसटीएफ ने एक सप्ताह में तीसरी बार गो तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे पहले 20 दिसंबर को एसटीएफ व खोराबार पुलिस ने जगदीशपुर के पास से फोरलेन पर अंतरराज्यीय गो तस्कर मुजफ्फरपुर निवासी सलमान व लखीमपुरखीरी निवासी मोजा बंजारा को पकड़ कर 28 गोवंश को मुक्त कराया था। इस मामले में एसटीएफ सरगना इश्तखार की तलाश कर रही है। इसी तरह एसटीएफ ने कुशीनगर के हाटा पुलिस के साथ मिलकर 17 दिसंबर को सहारनपुर के चांद मोहम्मद, मुजफ्फरपुर निवासी गुलजार व आसिफ को पकड़ा था। 16 गोवंश को मुक्त कराकर एक ट्रक कब्जे में लिया था। उसका भी सरगना इश्तखार ही है।