एसपी सिटी ने बताया कि इफ्तेखार उर्फ गुड्डू मियां बिहार का शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ बिहार में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। एक मुकदमे में उसे आजीवन कारावास की सजा भी मिली है, जिसमें वह सशर्त जमानत पर छूटा है। आरोपितों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल बाइक, तमंचा और कारतूस के दो खोखे मिले हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला कि बदमाश बिहार से पिस्टल मंगाकर महिला की हत्या करना चाहते थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नहीं मंगा सके। उधर, पति नायब हत्या का दबाव बना रहा था, जिस वजह से लोकल स्तर पर ही बदमाशों ने तमंचे की व्यवस्था की।
जांच आगे बढ़ी तो मिले चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस ने कलीमुनिशा की तहरीर पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की तो मामला किराएदारी के विवाद का नहीं, बल्कि पति-पत्नी में अनबन का निकला। पुलिस के मुताबिक, कलीमुनिशा की शादी कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया के मौइली मिश्रौलिया निवासी नायब अली से 14 साल पहले हुई थी। चार साल से दोनों के बीच विवाद है। कलीमुनिशा अपने दो बेटों के साथ पादरी बाजार वाले मकान में रहती हैं।
पुलिस का कहना है कि पति को पत्नी पर शक हो गया था। फिर उसने हत्या की सुपारी दे दी। सुपारी लेने वाले बदमाश मोहम्मद इफ्तेखार उर्फ गुड्डू मियां निवासी रामधाम मंदिर बंगहा नंबर एक (बिहार) से दो लाख रुपये में बात तय हुई थी। नायब अली के भांजे नौसाद उर्फ पुट्टू ने मध्यस्थता की थी। एडवांस के तौर पर उसे छह हजार रुपये दिए गए थे। वारदात में प्रमोद और फिरोज नाम के युवक भी शामिल थे। सभी किराएदार बनकर उसी घर में रह रहे थे।