गोरखपुर जिले में गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में 20 अगस्त की रात गोली मारकर काजल की हत्या के मुख्य आरोपी विजय प्रजापति की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश जारी है। पुलिस ने उसके साथी हरीश को गुरुवार को दबोच कर जेल भेजा है लेकिन विजय के बारे में अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
खबर है कि हरीश ने पुलिस के सामने विजय के कुछ ठिकानों के बारे में राज उगले हैं जहां पर पुलिस दबिश दे रही है। उधर, गगहा में हुई इस घटना में बीट पुलिसिंग लागू ना होने, ऑपरेशन तमंचा और ऑपरेशन दस्तक पर लापरवाही बरतने पर गगहा थानेदार अमित दुबे को हटाने और सीओ बांसगांव से स्पष्टीकरण मांगकर कार्रवाई करने का आदेश एडीजी ने दिया है।
जानकारी के मुताबिक, काजल के पिता राजू नयन सिंह का विजय प्रजापति से रुपये के लेनदेन का विवाद था। इसी विवाद में 20 अगस्त को विजय अपने साथियों के साथ राजू नयन के घर पहुंच गया था। वहां पर दरवाजा खुलते ही राजू नयन की विजय और उसके साथियों ने पिटाई शुरू कर दी थी। पिता की पिटाई होता देख बेटी काजल मोबाइल से घटना का वीडियो बनाने लगी थी।
वीडियो बनाने से नाराज विजय ने काजल के पेट में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उसे लखनऊ में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में राजू नयन की तहरीर पर विजय प्रजापति, उसके पिता, मां, दोस्त हरीश पर केस दर्ज किया था। हरीश और विजय की मां को पुलिस जेल भेज चुकी है लेकिन अन्य अभी फरार है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें लगी है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।