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यूपी: लुटेरे दारोगा की करतूत से शर्मसार हुआ पूरा गांव, बोले- यकीन नहीं हो रहा

Fri, 22 Jan 2021 12:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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लूट की घटना का खुलासा करते एसएसपी।(इनसेट में आरोपी दारोगा) - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्वर्ण व्यापारियों से 30 लाख की लूट के आरोप में दबोचे गए बस्ती में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव और संतोष यादव की संपत्तियों की जांच भी कराई जाएगी। अगर अपराध से अर्जित संपत्ति मिली तो उसे भी कुर्क किया जाएगा। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने साफ कहा कि इस मामले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य के लिए नजीर बने और कानून का कोई रखवाला इस तरह का कदम उठाने से डरे।
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जानकारी के मुताबिक, दारोगा धर्मेंद्र यादव गोरखपुर के सिकरीगंज का ही रहने वाला है। वह लंबे समय तक पीएसी में रहा है। गोरखपुर में इस तरह की दो वारदात की बात उसने कबूल की है। पिछली घटना में पुलिस ने इतनी सख्ती नहीं दिखाई और मामला खुल नहीं पाया था। हालांकि पुलिस ने तब भी केस दर्ज कर जांच की थी लेकिन तीन दिन बाद जांच शुरू की गई थी और पुलिस को कोई सीसीटीवी फुटेज या ऐसा सुराग नहीं मिल सका था जिससे वह आरोपियों तक पहुंच सके। लेकिन अब मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस तह तक जाना चाहती है।

पुलिस को यह भी संदेह है कि इस तरह की और वारदातें आरोपी पहले भी कर चुके होंगे लेकिन पकड़े नहीं जा सके। यही वजह है कि पुलिस आरोपियों की संपत्ति की जांच कर रही है ताकि अवैधानिक तरीके से अर्जित की गई संपत्ति का पर्दाफाश हो सके। एसएसपी ने साफ कहा है कि इनकी बेनामी संपत्ति मिली तो अपराधियों की तरह ही कुर्की की जाएगी। इस मामले में ऐसी कार्रवाई करेंगे कि भविष्य में कोई पुलिस वाला इस तरह का काम करने की हिम्मत न जुटा सके।
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पीएसी सिपाही से पदोन्नति पाकर धर्मेंद्र बना था दरोगा

धर्मेंद्र यादव पीएसी में तैनात रहा है। पीएसी में आजमगढ़ में भी लंबे समय तक सिपाही के पद पर तैनात था। 2015 में पदोन्नति के बाद वह दरोगा हुआ। बस्ती में पिछले पांच साल से तैनाती थी।
 
गांव वालों को यकीन नहीं, ऐसा भी सकता है धर्मेंद्र
सिकरीगंज के जगनथापुर निवासी दारोगा धर्मेंद्र यादव के गांव वालों को अब भी यकीन नहीं है कि वह ऐसा कर सकता है। उनका कहना है कि दारोगा की इस हरकत से पूरा गांव शर्मसार हो गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वह काफी मददगार था और लोगों के बुरे वक्त में काम आता था। उससे ऐसी हरकत की उम्मीद नहीं थी। उसके पास गांव में एक चार कमरे का मकान है जो कुछ साल पहले ही बना है। उधर, धर्मेंद्र की पत्नी रिंकी यादव ने उसे फर्जी तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र यादव तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। छोटा भाई हरेंद्र यादव गांव में सफाई कर्मचारी है तो तीसरे नंबर का भाई उपेंद्र नौकरी की तैयारी कर रहा है। दारोगा धर्मेंद्र यादव ने दो शादियां की हैं। पहली पत्नी मंजू यादव की पंद्रह साल पहले मौत हो गई और उसके बाद दूसरी शादी अपनी साली रिंकी यादव से की है। पहली पत्नी से दो लड़की और दो लड़के हैं। दूसरी पत्नी से एक बच्चा है। दूसरी पत्नी और बच्चे को लेकर धर्मेंद्र बस्ती में रहता है। पहली पत्नी के चार बच्चे गांव में ही रहते हैं।
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