लूट की घटना का खुलासा करते एसएसपी।(इनसेट में आरोपी दारोगा)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्वर्ण व्यापारियों से 30 लाख की लूट के आरोप में दबोचे गए बस्ती में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव और संतोष यादव की संपत्तियों की जांच भी कराई जाएगी। अगर अपराध से अर्जित संपत्ति मिली तो उसे भी कुर्क किया जाएगा। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने साफ कहा कि इस मामले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य के लिए नजीर बने और कानून का कोई रखवाला इस तरह का कदम उठाने से डरे।
जानकारी के मुताबिक, दारोगा धर्मेंद्र यादव गोरखपुर के सिकरीगंज का ही रहने वाला है। वह लंबे समय तक पीएसी में रहा है। गोरखपुर में इस तरह की दो वारदात की बात उसने कबूल की है। पिछली घटना में पुलिस ने इतनी सख्ती नहीं दिखाई और मामला खुल नहीं पाया था। हालांकि पुलिस ने तब भी केस दर्ज कर जांच की थी लेकिन तीन दिन बाद जांच शुरू की गई थी और पुलिस को कोई सीसीटीवी फुटेज या ऐसा सुराग नहीं मिल सका था जिससे वह आरोपियों तक पहुंच सके। लेकिन अब मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस तह तक जाना चाहती है।
पुलिस को यह भी संदेह है कि इस तरह की और वारदातें आरोपी पहले भी कर चुके होंगे लेकिन पकड़े नहीं जा सके। यही वजह है कि पुलिस आरोपियों की संपत्ति की जांच कर रही है ताकि अवैधानिक तरीके से अर्जित की गई संपत्ति का पर्दाफाश हो सके। एसएसपी ने साफ कहा है कि इनकी बेनामी संपत्ति मिली तो अपराधियों की तरह ही कुर्की की जाएगी। इस मामले में ऐसी कार्रवाई करेंगे कि भविष्य में कोई पुलिस वाला इस तरह का काम करने की हिम्मत न जुटा सके।