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गोरखपुर जिले की वो 'खौफनाक' घटनाएं जिससे कांप उठे थे लोग, पुलिस नहीं सुलझा पा रही इनकी गुत्थी

Fri, 11 Sep 2020 05:10 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।

सार

  • गुलरिहा में दोहरा हत्याकांड, गोरखनाथ में हत्या कर फेंकी गई लाश की जांच अब भी अधूरी
  • थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम भी लगाई गई मगर नतीजा सिफर
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पुलिस की जांच में जो घटनाएं कुछ दिन गुजार लेती हैं, फिर वह राज ही बनकर रह जाती हैं। चाहे पूर्व में रश्मि और बलराम हत्याकांड हो या वर्तमान में गुलरिहा इलाके में दोहरा हत्याकांड, गोरखनाथ में युवक की हत्या की जांच हो। सभी फाइलें तकरीबन बंद ही होने की कगार पर हैं।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक बात तो साफ हो गई कि हत्या हुई थी। मगर हत्या किसने और क्यों की? इस गुत्थी को सुलझा पाने में पुलिस सफल नहीं हो पा रही है। वह भी तब जब ऐसी घटनाओं में थाना पुलिस के सहयोग में क्राइम ब्रांच की टीम भी काम करती है। अब इन घटनाओं का पर्दाफाश कब होगा? होगा भी या नहीं? इस सवाल पर अफसर भी सिर्फ विवेचना जारी होने की दलील दे पाते हैं।

जानकारी के मुताबिक, जिसकी हत्या कर लाश फेंकी जाती है, उसकी पहचान ही चुनौती बन जाती है। पुलिस जैसे तैसे अगर शिनाख्त करने में सफल हुई तब तो पर्दाफाश हो जाता है। अगर शिनाख्त में समय लगा तो फिर न ही शिनाख्त हो पाती है और न ही पर्दाफाश। दूसरे ऐसी घटनाएं भी हैं जिनमें शिनाख्त तो होती है लेकिन पुलिस उसका पर्दाफाश नहीं कर पाती है।
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इन घटनाओं के पर्दाफाश न होने में सबसे बड़ी वजह यह सामने आती है कि पुलिस साक्ष्य और सुराग जुटा पाने में कमजोर पड़ जाती है। खैर वजह जो भी हो मगर पुलिस की इस सुस्ती का फायदा उस कातिल को मिल जाता है जो जघन्य अपराध करने के बाद बेगुनाह बनकर आसानी से बच जाता है।

केस एक

पांच अगस्त की रात गुलरिहा इलाके के ठाकुरगंज में अनरजीत और उनकी पत्नी रीमा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से हमले के निशान मिले। जांच शुरू हुई तो पता चला कि रीमा अनरजीत की दूसरी पत्नी थीं जिनसे उन्होंने मंदिर में शादी की थी और उनके साथ आबादी से कुछ दूरी पर रहते थे। पुलिस की कई टीमें लगाईं गईं मगर घटना का पर्दाफाश नहीं हो सका।

केस दो
28 अगस्त को गोरखनाथ इलाके की सुभाष चंद्र बोस नगर कॉलोनी के बंधे के पास एक युवक की लाश मिली। करीब 26 साल के युवक के सिर पर ईंट से प्रहार किया गया था। गर्दन पर धारदार हथियार से वार के घाव थे। शव के पोस्टमार्टम से हत्या की पुष्टि हो गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच तो शुरू की मगर आज तक पुलिस युवक की शिनाख्त तक नहीं कर सकी है, कातिल तक पहुंचना तो दूर की बात।
 
बंद हो गई रश्मि की फाइल, बलराम की फाइल क्राइम ब्रांच में अटकी
18 नवंबर 2018 को राजघाट इलाके के पांडेयहाता में घर में मौजूद रश्मि की गला काटकर हत्या कर दी गई। उस समय भाई और पिता बाहर थे। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि कोई करीबी ही हत्या में शामिल है, क्योंकि जिस तरह से वारदात की गई थी वह बिना जानने वाले के घर में घुसकर हो ही नहीं सकती थी। मगर यह बात सामने आने के बाद ही पुलिस की जांच सुस्त पड़ गई और फिर करीब दो साल तक चली इस जांच में पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई और फाइनल रिपोर्ट लगा कर फाइल को बंद कर दिया है।
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दूसरा शहर का चर्चित हत्याकांड प्रापर्टी डीलर बलराम यादव का है, जिसकी फाइल क्राइम ब्रांच में लटकी हुई है। 24 नवंबर 2019 को प्रापर्टी डीलर बलराम यादव की उसकी प्रेमिका के घर के सामने गोली लगी लाश मिली थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में मामले को खुदकुशी बताया मगर तहरीर के आधार पर आकृति और उसकी मां पर केस दर्ज कर लिया।

पुलिस आज तक उसे नहीं पकड़ पाई और फिर खुदकुशी की ओर जांच मुड़ गई। मगर घरवालों ने विरोध कर न्याय की गुहार लगाई तो क्राइम ब्रांच में जांच चली गई मगर हुआ कुछ नहीं। इसी बीच हैंडवॉश रिपोर्ट भी आ गई जिससे यह पुष्टि हो गई कि बलराम ने खुदकुशी नहीं की थी। यह फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी है जबकि एक सप्ताह पहले कोर्ट ने एक महीने में विवेचना पूरा करने का आदेश दिया है।
 
हत्या या हादसा इस गुत्थी को नहीं सुलझा पाई पुलिस
सात सितंबर को पीपीगंज पुलिस ने उस बच्चे का शव घर के पीछे से बरामद किया जिसके अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। दस वर्षीय अंकित के पोस्टमार्टम में सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। मगर यह चोट हादसे में लगी या फिर उसे मारा गया इस गुत्थी को अब तक पुलिस नहीं सुलझा सकी है। पुलिस उसके घरवालों के अलावा अन्य करीबियों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
 
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि पुलिस को घटनाओं के पर्दाफाश का आदेश दिया गया है, कभी-कभी किसी घटना में समय लग जाता है। पुलिस जांच कर जल्द घटनाओं का पर्दाफाश करे, इसका निर्देश फिर दिया जाएगा।
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