एफआर लगाने वाले दरोगा ने दिया शपथ पत्र
महिला ने 2016 के दौरान ही कैंपियरगंज थाने में तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। मामले में आरोपी पहले जेल भेजे गए, फिर पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की। अफसरों के आदेश पर हुई जांच में पुलिस ने पाया कि मामला पूरी तरह से फर्जी है। विवेचक ने मामले में फाइल रिपोर्ट लगा दी।
महिला को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उसने फिर विवेचक रहे दरोगा पर ही लूट, बलवा, धमकी देने का केस दर्ज करा दिया। इस बार उसका आरोप था कि केस के जांच के दौरान दरोगा ने उससे रुपये छीन लिए और धमकी दी। दरोगा ने सीओ बांसगांव को दिए शपथ पत्र में महिला को पेशेवर और अधिवक्ता को संरक्षक बताया है।
फर्जी केस कर ली चार लाख का सरकारी मदद
सीओ बांसगांव की जांच में सामने आया है कि एक मामले में न्यायालय के आदेश पर दर्ज केस में सरकारी मदद के चार लाख रुपये महिला ने ले लिए। इस मुकदमे में भी अधिवक्ता वही है। जबकि, इस केस की जांच कर विवेचक ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले का फर्जी केस दर्ज कराना गंभीर है। पूरे मामले की जांच सीओ कैंट और बांसगांव को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट आ गई है। अवलोकन के बाद इसमें केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।