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लॉकडाउन में परेशान भाकियू नेता के बेटे ने रची थी लूट की साजिश, पुलिस ने 48 घंटे में ऐसे किया पर्दाफाश

Tue, 23 Jun 2020 08:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पीपीगंज में रिटायर्ड अफसर और पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट का मामला
48 घंटे के भीतर थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपितों को किया गिरफ्तार
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के पीपीगंज इलाके के भीटी तिवारी में रिटायर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल त्रियुगी नारायण त्रिपाठी और उनकी पत्नी मनोरमा को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना  विनय तिवारी उर्फ मिंटू तिवारी ने रिश्तेदार अरविंद मिश्रा के साथ अंजाम दी थी। आरोपित विनय, भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश तिवारी का बेटा है।

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बकौल आरोपितों, लॉकडाउन के चलते आई आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उन्होंने यह वारदात की। आवाज, फोटो और मोबाइल फोन के लोकेशन की मदद से घटना का पर्दाफाश कर पुलिस ने लूटे गए सभी गहने और 19 हजार 800 रुपये नकद बरामद कर लिए।

जानकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपित विनय तिवारी, भीटी तिवारी, गोरखपुर और अरविंद मिश्रा, बृजमनगंज के महुलानी, जिला महराजगंज के रहने वाले हैं।  एसपी नार्थ अरविंद पांडेय, सीओ क्राइम प्रवीण सिंह, सीओ कैंपियरगंज दिनेश सिंह ने बताया कि 21 जून की रात दंपती को बंधक बनाकर बदमाशों ने वारदात की थी।

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डीआईजी राजेश डी मोदक, एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने भी सोमवार को घटना स्थल का दौरा किया था। उधर, पीपीगंज के अलावा क्राइम ब्रांच को भी पर्दाफाश के लिए लगाया गया था। दोनों टीमों ने जांच शुरू की तो पता चला कि गांव के ही विनय ने वारदात की है।

घटना के समय उसका मोबाइल फोन बंद था और उसका लोकेशन भी वहीं पर थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नयागांव चौराहा के पास से विनय को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने रिश्तेदार अरविंद मिश्रा के साथ मिलकर वारदात की थी। उसके बताने पर पुलिस ने दूसरे आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया है। सारा सामान उसी के पास से बरामद हुआ है।

रुपये की जरूरत ने बनाया लुटेरा
लॉकडाउन में दुकान बंद होने की वजह से विनय आर्थिक तंगी में आ गया था। उसे लगा कि बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाना आसान है। इस वजह से उसने रिश्तेदार को बुलाया और फिर दोनों शराब पीने के बाद वारदात करने पहुंच गए। उसी समय उसकी आवाज और शक्ल को त्रियुगी ने पहचान लिया था। पुलिस को इसकी जानकारी भी उन्होंने दी थी।

गिरफ्तार करने वाली टीम में ये थे शामिल
पीपीगंज थानाध्यक्ष राजप्रकाश सिंह, प्रभारी सर्विलांस धीरेंद्र राय, उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार पांडेय, विवेक कुमार अवस्थी, सदानंद सिन्हा, हेड कांस्टेबल राजमंगल सिंह, कामेश्वर दुबे, योगेश कुमार सिंह, शिवानंद उपाध्याय, उपेंद्र यादव और धर्मेंद्र यादव।


 
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