सरकारी इंजीनियर की गाड़ी चलाने वाले दुर्गा प्रसाद ने पुलिस को बयान दिया कि उसकी पत्नी बार-बार अपने पिता के पास गुजरात जाने की जिद कर रही थी। लॉकडाउन के कारण वह नहीं भेज पाया। इसी जिद में बेटी का कत्ल कर पत्नी भाग गई। पुलिस को भी यह कहानी तर्कसंगत लगी। हालांकि दीपमाला के पिता श्याम बिहारी ने एसपी को शिकायती पत्र भेजकर प्रकरण में नया मोड़ ला दिया।
श्याम बिहारी का कहना है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए उसके पति दुर्गा प्रसाद समेत ससुराल के अन्य लोग प्रताड़ित करते थे। बेटी पैदा होने के बाद उत्पीड़न बढ़ गया। उनका आरोप है कि ससुराल के लोगों ने दीपमाला व उसकी पुत्री आयशा की हत्या कर दी और मनगढ़ंत कहानी बनाकर उनकी पुत्री पर हथ्या का आरोप लगा रहे हैं। दीपमाला की हत्या के बाद उसका शव कहीं छिपा दिया गया है। उन्होंने समूचे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर उसकी बेटी दीपमाला का पता लगाने की मांग की है।