ऑपरेशन के कारण प्रसूता बेसुध पड़ी थी, इसी बीच अचानक बच्चा गायब हो गया। बच्चे के पिता व अन्य लोग इधर-उधर ढूंढने लगे लेकिन कहीं पता नहीं चला। थक-हारकर बच्चे का पिता कोतवाली पहुंचा और आशा कार्यकत्री पर संदेह जाहिर करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने आशा कार्यकत्री पूजा को हिरासत में लेकर छानबीन की तो झकझोर देने वाली कहानी सामने आई। उसने कबूल किया कि बच्चे को लेकर बोलेरो से वह महिला अस्पताल पहुंची, जहां से मोबाइल वाट्सएप के जरिए चैट करके तांत्रिक प्रमोद पांडेय को बुलाया और बच्चे को उसके हवाले कर दिया। इसके बदले उसे पांच हजार रुपये तत्काल मिल गए थे, बाकी 45 हजार रुपये वह बाद में देने की बात कहकर बच्चे को लेकर तांत्रिक अपने गांव अठदेउरा चला गया, जहां से पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
बच्चा चुराकर तांत्रिक को बेचने के आरोप में गिरफ्तार आशा कार्यकत्री पूजा का कहना है कि वह झाड़ फूंक कराने के लिए तांत्रिक प्रमोद पांडेय के संपर्क में आई। तभी से तांत्रिक उसे एक नवजात बच्चा कहीं से लाकर देने की बात कह रहा था। मंगलवार को जब उसके हाथ एक नवजात हाथ लगा तो उसने तांत्रिक से संपर्क करके बच्चे को उसके सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक तांत्रिक को शादी के बावजूद कोई बच्चा नहीं था, इसलिए वह इसके लिए आशा कार्यकत्री का सहारा लिया।