व्यापारी, वाणिज्य कर विभाग में बिक्री दिखाकर आउटपुट टैक्स का क्रेडिट ले रहे हैं। बस्ती जिले में 49 करोड़ की बिक्री के बावजूद टैक्स जमा नहीं करने का मामला सामने आया है।
एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 राज्य कर गोरखपुर जोन सुनील कुमार राय के निर्देशन में टैक्स चोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में स्टार होजरी, बस्ती की जांच, विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) द्वारा की गई। फर्म द्वारा दाखिल रिटर्न तथा इनवर्ड, आऊटवर्ड सप्लाई के लिए प्रयुक्त ई-वे बिल आदि के आधार पर डाटा एनालिसिस करने पर पाया गया कि फर्म द्वारा वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक विगत पांच वर्षों में करीब 49 करोड़ की बिक्री की गई है, लेकिन कोई टैक्स कैश पेड के रूप में जमा नहीं है।
साथ ही सभी कर का समायोजन केवल आईटीसी से किया गया है। रेडीमेड गारमेंट ट्रेड में 10% या इससे अधिक का वैल्यू एडिशन होता है, जिसे ध्यान में रखते हुए स्पष्ट हुआ कि व्यापारी के पास लगभग 6-7 करोड़ का स्टॉक होना चाहिए।
एसआईबी जांच में लगभग 1.75 करोड़ रुपये का स्टॉक ही पाया गया। लगभग 5 करोड़ का स्टॉक नहीं पाया गया, जिसकी बिक्री कर दी गयी है, लेकिन, उसे रिटर्न में घोषित नहीं किया गया है और न ही टैक्स जमा किया गया है। इसके बाद टीम ने खरीद, बिक्री के लूज परचे, अभिलेख सत्यापन के अभाव में सीज कर दिए। अपर आयुक्त ग्रेड-2 राज्य कर राजेश सिंह ने बताया कि इस मामले में व्यापारी ने 15 लाख रुपये टैक्स जमा किया। आगे की जांच की जा रही है।
एसके मोर्ट्स ने जमाया कराया 6.69 लाख टैक्स
एसके मोटर्स महराजगंज खंड 2 में पंजीकृत फर्म की एसआईबी द्वारा जांच की गई। जांच में व्यापारी द्वारा करीब 30 लाख की अघोषित सप्लाई पर टैक्स 6.69 लाख रुपये जमा कराया गया।