बताया कि इस वैरिएंट पर वैक्सीन कितना कारगर है, इस पर शोध होना बाकी है। बताया कि गोरखपुर मंडल के कुशीनगर और महराजगंज जिले से जीनोम सीक्वेसिंग के लिए सैंपल भेजे गए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि पांचवीं बार 15 लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बॉयोलॉजी (आईजीआईबी) भेजे गए हैं। बताया कि नमूनों की जांच के बाद ही यह जानकारी मिल पाएगी कि गोरखपुर में किस वैरिएंट ने तबाही मचाई है। बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहद खतरनाक है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कोरोना वायरस का म्यूटेशन वर्जन है। जांच के बाद ही सही वैरिएंट की जानकारी मिल पाएगी।