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लापरवाही: गोरखपुर की कोविड महिला का शव पहुंचा देवरिया, परिजनों ने किया हंगामा

Fri, 18 Sep 2020 07:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • गोरखपुर के मृत व्यक्ति का शव देवरिया का बताकर भेज दिया
  • मामला मेडिकल कॉलेज चौकी पहुंचा तो शव वापस मंगाया
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मौके पर जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को कोरोना मरीजों के शवों की अदला-बदली का मामला सामने आया है। गोरखपुर के कोरोना संक्रमित मृत व्यक्ति का शव देवरिया का बताकर भेज दिया गया। जब गोरखपुर के मरीज के परिजन मेडिकल कॉलेज आए तो शव बदलने का मामला खुलकर सामने आ गया।

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इससे नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मामला मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पहुंच गया। आनन-फानन में गोरखपुर के कोरोना संक्रमित मृत व्यक्ति का शव देवरिया से वापस मंगाया गया। तब जाकर मामला शांत हो सका।

जानकारी के मुताबिक छोहाड़ी देवी (75) निवासी तेनुआ, गीडा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 300 बेड के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार की देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। शुक्रवार की दोपहर पुत्र श्रवण यादव मेडिकल कॉलेज पहुंचे और शव लेने की औपचारिकता पूरी करने लगे। इसी बीच उनकी निगाह शव पर लिखे नाम पर गई तो हैरान रह गए।
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शव पर रघुनाथ पटेल नाम का टैग लगा था। श्रवण ने सवाल किया तो पता चला कि  छोहाड़ी देवी का शव देवरिया भेज दिया गया है। दरअसल, कोरोना वार्ड में ही देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के देवघाट निवासी रघुनाथ पटेल की भी मौत हुई थी। दोनों शव एक साथ सील करके परिजनों को दिए जाने थे। इसी में शवों की अदला-बदली हो गई।

 

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थोड़ी देरी होती तो हो जाता दाह संस्कार

घटना से नाराज श्रवण व अन्य परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी इंचार्ज गौरव राज कन्नौजिया को मिली तो वह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। हंगामा करने वालों को किसी तरह समझाया, फिर रघुनाथ के परिजनों को छोहाड़ी देवी का शव लेकर वापस मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। इसके बाद दोनों के शवों को उनके परिजनों को सौंपा गया।

देवरिया से आए रघुनाथ पटेल के परिजनों ने बताया कि 30 मिनट की देरी होती तो शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाता। दाह-संस्कार की ज्यादातर औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं थीं। इसी बीच पुलिस का फोन आ गया। फोन आने के बाद दाह संस्कार रोका गया।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि  कर्मचारियों से चूक हो गई। जैसे ही मामले की जानकारी मिली तत्काल शव को देवरिया मंगवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
 
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