कोरोना वायरस की तीसरी लहर से पूर्व गोरखपुक जिले के खडे़सरी स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में बन रहे कोविड अस्पताल को बुधवार यानी आज प्रथम चरण में 100 बेड जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।
मंगलवार को एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर, तहसीलदार केशव प्रसाद, पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज में अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। सोमवार की देर रात जिला अस्पताल से आईसीयू बेड, पीपीई किट, दवाएं, एंटीजन जांच किट आदि पहुंच चुके हैं। मंगलवार की दोपहर डब्ल्यूएचओ से आए डॉ. संदीप पाटिल ने चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने कोविड के मद्देनजर सभी चिकित्सकों व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड एंटीजन जांच, मरीजों के इलाज, दवाओं के साथ ही खुद की सुरक्षा के मद्देनजर एक-एक बारीकियों को इंगित किया।
बड़हलगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीके राय ने बताया कि मरीजों की देखभाल के लिए प्रथम चरण में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, बड़हलगंज व डेरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मिलाकर डॉक्टरों सहित 60 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिनमें नर्स, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय व स्वीपर आदि भी शामिल हैं। अधिकारियों ने एक-एक कमरों व बेड का जायजा लिया।
दक्षिणांचल के लिए बड़ी सौगात है कोविड अस्पताल
सीएम योगी आदित्यनाथ के आने की संभावना के मद्देनजर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लेकिन आधिकारिक रूप से कोई भी अधिकारी कुछ कह नहीं रहा है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो सीएम के आगमन की संभावना के मद्देनजर हेलीपैड व सेफ हाउस के तौर पर बड़हलगंज व डेरवा स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की ड्यूटी सीएमओ ऑफिस से लगा दी गई है। इस दौरान प्राचार्य प्रो. डॉ. अनिल सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, राकेश गुप्ता, संजय त्रिपाठी, महेश उमर, वेदप्रकाश त्रिपाठी, प्रशांत शाही आदि मौजूद रहें।
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में बना कोविड अस्पताल जनपद के दक्षिणांचल सहित देवरिया, मऊ व आजमगढ़ जनपद के लोगों बड़ी सौगात है। कोरोना के दूसरी लहर में जब मौतों की संख्या बढ़ने लगी तो कोविड अस्पताल की मांग तेज हो गई। जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड अस्पताल बनाने की घोषणा की। अब कोरोना मरीजों को अब गोरखपुर, आजमगढ़ या मऊ नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही उन्हें मुफ्त इलाज भी मिलेगा।