गोरखपुर जिले में पिपराइच इलाके के तुलसीदेई गांव में फावड़े से मारकर महिला की हत्या के आरोपी चचेरे ससुर संतराज चौरसिया को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल एक महिला कलावती को पुलिस पहले ही जेल भिजवा चुकी है। हत्या के बाद मृतक रीमा के बेटे मुन्ना की तहरीर पर पुलिस ने चचेरे ससुर संतराज, कथित सास कलावती, व देवरानी नीलम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस नामजद आरोपी देवरानी नीलम की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि ससुर नहीं चाहता था, बहू स्कूल में दाई का काम करने जाए, इस वजह से उसने वारदात की है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर व एएसपी मानुष पारिक ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि तुलसीदेई गांव निवासी संतराज चौरसिया के कोई संतान नहीं था। वह अपने छोटे भाई के बेटे हरिश्चंद्र व उसकी पत्नी रीमा के साथ रहता था। हरिशचंद की मौत करीब 10 साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
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रीमा अपने ससुर संतराज, कथित सास कमलावती व देवरानी नीलम के साथ रहती थी। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे रीमा का संतराज से विवाद हो गया। उसके बाद संतराज चौरसिया ने फावड़ा उठाकर खाना बना रही बहू रीमा के ऊपर प्रहार कर दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद संतराज चौरसिया फरार हो गया। रीमा के बेटे मुन्ना ने हत्या का केस दर्ज कराया था।