- रामगढ़ताल थाना पुलिस की मदद से पीड़ितों ने शुरू की तलाश, रिश्तेदार के घर में छिपे जालसाज
- दंपती की तलाश में दबिश देने गई टीम गोरखपुर लौटते समय हादसे का हो गई थी शिकार, दरोगा की हुई थी मौत
गोरखपुर। देवरिया बाईपास रोड स्थित टीआरएक्स गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में निवेशकों के करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी दंपती अशोक कुमार शर्मा और उसकी पत्नी रानी शर्मा ने नेपाल में नया ठिकाना बना लिया है। मंगलवार को उनकी तलाश में दबिश से लौटते वक्त हादसे में दरोगा संतोष कुमार की मौत के बाद अब पीड़ित पुलिस के साथ मिलकर आरोपी की तलाश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी दंपती ने नेपाल में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपे हुए हैं।
कंपनी का एमडी अशोक कुमार शर्मा, उसकी रानी शर्मा (डायरेक्टर), जितेंद्र शर्मा, पारस नाथ शर्मा निवासी लाला छपरा थाना रामकोला कुशीनगर तथा अनिल शर्मा निवासी देवरिया की ओर से जालसाजी का मामला सामने आया था। विवेचना के दाैरान पुलिस ने देवरिया निवासी अनिल शर्मा और जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। विवेचना के दौरान पता चला था कि जालसाज दंपती अपने पैतृक गांव में हैं। पुलिस टीम जब वहां पहुंची तो आरोपी महराजगंज स्थित अपने ससुराल में होने की बात सामने आई। पुलिस टीम जब महाराजगंज पहुंची तो दंपती पुलिस के पहुंचने से पहले नेपाल भाग गए थे। इसके बाद टीम लौट रही थी। तभी हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एसआई संतोष कुमार की मौत हो गई। जबकि एसएसआई रमेश चंद्र कुशवाहा, महिला दारोगा गीता, चार पहिया गाड़ी चालक कैंट के बिलंदपुर निवासी हेमंत कुमार और खोराबार के रहने वाले अजीत कुमार यादव घायल हो गए थे। हेमंत कुमार और अजीत ठगी के शिकार पीड़ित हैं। जो जालसाजों को पकड़वाने के लिए पुलिस की मदद कर रहे थे। आरोप है कि जालसाज दंपती पुलिस की दबिश पड़ते ही नेपाल में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर शरण ले लेता है।
कई पीड़ितों ने बैंक से ले रखा है लोन
ठगी के शिकार पीड़ित दिलीप कुमार तिवारी, वृंदावन शर्मा, बृजेश कुमार, विवेक कुमार निषाद ने बताया कि इस जालसाज दंपती ने निवेश के नाम पर उन्हें आकर्षक रिटर्न का लालच दिया। कई लोगों ने बैंक से लोन लिया तो कई ने अपने खेत गिरवी रखकर निवेश किया। दंपती ने अपने झूठे वादों के माध्यम से निवेशकों से वसूले गए लाखों रुपये हड़प लिए। पीड़ितों का कहना है कि दोगुने मुनाफे की चाह में उन्होंने अपने पूरे निवेश को गंवा दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस दंपती की पहचान पहले से हो चुकी है और वह बार-बार अपने ठिकानों को बदलते रहते हैं।
पीड़ितों की मदद से खोज तेज
दंपती की तलाश में पीड़ितों ने भी पुलिस के साथ हाथ मिलाया है। कई पीड़ितों ने अपनी शिकायतें दर्ज करवाई हैं और दावा किया है कि उन्होंने दंपती की गलत गतिविधियों का सामना किया है। अब सभी मिलकर दंपती को पकड़ने और न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।
नेपाल सीमा के पास बनाया नया ठिकाना
जानकारी मिली है कि ठगी के आरोपी दंपती नेपाल की सीमा के नजदीक अपने रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ है। पुलिस ने बताया कि सीमा पार जाकर कार्रवाई करना मुश्किल है, इसलिए वे नेपाल पुलिस के सहयोग से इस मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
2019 बैच के दरोगा संतोष को मृतक आश्रित में मिली थी नौकरी
महराजगंज में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले संतोष कुमार पासवान 2019 बैच के दरोगा थे। गोरखपुर में उनकी पहली तैनाती थी। वर्तमान में रामगढ़ताल थाने पर पोस्टिंग थी। पिता मोतीचंद भी यूपी पुलिस में थे। नौकरी के दौरान ही उनकी मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे में संतोष को नौकरी मिली थी। परिवार में पत्नी रूपा, भाई मिथलेश, मां गुलाबी देवी और बहन हैं।
हादसे में बेटे की मौत के बाद मां की हालत बिगड़ी
हादसे में बड़े बेटे संतोष की मौत के बाद उसकी मां गुलाबी देवी की हालत बिगड़ गई है। भाई मिथलेश ने फोन पर बताया कि दाहसंस्कार के बाद पूरा परिवार कर्मकांड में व्यस्त है। भाई की मौत के पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वहीं पत्नी रूपा और मासूम बेटे का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
जालसाज दंपती की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में नेपाल बाॅर्डर पर डेरा जमाए हुए है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट