नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)।
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वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में माइक्रोबायोलॉजी लैब में एक डॉक्टर के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद लैब में जांच बंद हो गई है। अब कोरोना जांच के लिए नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आरएमआरसी भेजे गए हैं। इससे जांच का दबाव बढ़ गया है। इसी का नतीजा रहा कि बीआरडी से जांच के लिए करीब 240 नमूने लखनऊ जांच के लिए भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार बीएचयू के माइक्रोबॉयोलॉजी लैब में कोरोना का संक्रमण फैल गया। जिसकी चपेट में लैब के एक डॉक्टर आ गए। इसके बाद प्रशासन ने बीएचयू लैब को बंद करा दिया है। लैब में तैनात डॉक्टर व कर्मचारियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
इसके साथ ही प्रशासन लैब को विसंक्रमित करने में जुटा हुआ है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि जब तक लैब शुरू नहीं हो जाती, तब तक बनारस और आजमगढ़ मंडल की जांच आरएमआरसी में होगी।
आजमगढ़ मंडल व वाराणसी के नमूने जांच के लिए आएंगे
बीएचयू का लैब बंद होने के बाद शासन ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज सैंपल भेजने का निर्णय लिया है। ऐसे में आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ और बनारस के नमूनों की जांच बीआरडी में होगी। बताया जा रहा है कि इन जिलों से रोजाना 300 से अधिक नमूने जांच के लिए आएंगे। शनिवार की रात से अब तक 700 से अधिक नमूने जांच के लिए आ चुके हैं।
बीआरडी के नमूने भेजे गए लखनऊ
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के वीडीआरएल में पहले ही गोरखपुर व बस्ती मंडल के सात जिलों सहित अयोध्या की जांच हो रही है। लैब की क्षमता 240-300 के करीब है। ऐसे में नए जिलों के जुड़ने से लैब पर नमूनों का भार बढ़ गया है।
यही कारण है कि गोरखपुर सहित आसपास के जिलों के नमूनों की जांच अब तक नहीं हो पाई है। इस परेशानी को देखते हुए शासन ने बीआरडी से रोजाना 240 नमूने लखनऊ भेजने का फैसला किया है। रविवार को पहली खेप लखनऊ के लोहिया संस्थान में जांच के लिए भेजी गई।
बीआरडी ने दो बायोसेफ्टी कैबिनेट भी मांगे
आरएमआरसी ने लैब में संक्रमण को रोकने के लिए एहितयात बरतने शुरू कर दिए है। इसके लिए शासन से दो बायोसेफ्टी कैबिनेट की मांग की गई है। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए लैब में तैनात कर्मचारियों की भी जांच की जा रही है।
आरएमआरसी निदेशक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि बनारस की लैब बंद होने के कारण वहां के नमूने आरएमआरसी भेजे जा रहे हैं। नमूने अधिक होने की वजह से कुछ को लखनऊ भेजा गया है। जल्द ही आरएमअरसी की क्षमता और बढ़ जाएगी। इस पर काम चल रहा है। इसके बाद कहीं और नमूना भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।