अगर आप संभागीय परिवहन विभाग में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं तो आपको वहां कोविड जांच करानी होगी। जांच में निगेटिव आने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेंगे।
गोरखपुर संभागीय परिवहन विभाग में विगत 31 मई से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य शुरू हो गया है। कोरोना कर्फ्यू के बीच कोविड गाइडलाइन का पालन कराते हुए स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की चुनौती विभाग के जिम्मेदारों के सामने है। ऐसे में इस चुनौती से निपटने एवं कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए विभाग ने अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य कर दिया है।
कार्यालय में पहुंचने के बाद पहले अभ्यर्थियों की एंटीजन किट से कोरोना की जांच होगी। अभ्यर्थी के निगेटिव आने के बाद उसका टेस्ट, फोटो एवं बायोमीट्रिक की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
एआरटीओ श्यामलाल ने बताया कि आरटीओ में कोरोना जांच के लिए कैंप लगा दिया गया है। अब ड्राइविंग टेस्ट से पहले कोरोना परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही अभ्यर्थियों के लाइसेंस बनाए जाएंगे।
दूसरे दिन बने 106 ड्राइविंग लाइसेंस
संभागीय परिवहन विभाग में दूसरे दिन 106 स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। एआरटीओ श्यामलाल ने बताया गया स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए दूसरे दिन 216 को अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, लेकिन 106 अभ्यर्थी ही टेस्ट देने के लिए उपस्थित हुए, इनके ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए।