बीआरडी मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग इसे लापरवाही मानने को तैयार नहीं है। बीआरडी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया था। जबकि एसडीएम बांसगांव, गांव के प्रधान और मृतक के भाई के बयान बिल्कुल उलट हैं।
सब मामले में गंभीर लापरवाही की बात कह रहे हैं। मृतक के भाई ने साफ कहा कि कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट बताकर शव को सौंपा गया था। विभाग की लापरवाही की वजह से पूरा गांव मुश्किल में है। मृतक के भाई ने बताया कि अगर पहले जानकारी दी गई होती तो हम लोग अपने रिश्तेदारों को नहीं बुलाते। बिना वजह रिश्तेदार भी परेशान हैं।
कौड़ीराम के पीएचसी प्रभारी डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि मृतक के दो रिश्तेदारों का घर झंगहा में है। वे अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। दोनों परिवार के 12 लोगों को होम क्वारंटीन करा दिया गया है। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी कराई गई है। कोई लक्षण नहीं मिले हैं। मंगलवार को टीम रेलवे स्टेशन और सर्वोदय किसान इंटर कॉलेज में जांच के लिए लगा दी गई थी। ऐसे में बुधवार को टीम कनइल गांव में लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर जांच करेगी।
गोरखपुर के जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराई जा रही है। पूरे मामले को दिखवाया जा रहा है। कहां चूक हुई, इसकी जानकारी ली जाएगी। फिर आगे की कार्रवाई होगी।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गांव में संक्रमण फैलने का खतरा बिल्कुल नहीं है। एहतियात के तौर पर परिवार व गांव के लोगों की पूल टेस्टिंग कराई जा रही है। मंगलवार को ही 32 नमूने लिए गए। बुधवार को भी नमूूने लिए जाएंगे। फिलहाल पूरा परिवार होम क्वारंटीन है। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का फैसला किया जाएगा।