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राहत: दो संदिग्धों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव, मरीजों को मेडिसिन वार्ड में किया गया शिफ्ट

Tue, 07 Dec 2021 09:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

दोनों मरीज देवरिया और संतकबीरनगर के रहने वाले हैं। देवरिया के संक्रमित किशोर का सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजा गया है।
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कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 300 बेड के कोविड वार्ड में भर्ती संतकबीरनगर और देवरिया के कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। दोनों को शनिवार को कोरोना के शक में भर्ती किया गया था। रविवार को कोविड जांच के लिए नमूने लिए गए थे, लेकिन जांच में संदिग्ध रिपोर्ट आने पर दोबारा नमूना लिया गया था। इसके अलावा देवरिया के रहने वाले 15 वर्षीय किशोर की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए नमूना आईजीआईबी, दिल्ली भेज दिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक देवरिया और संतकबीरनगर के रहने वाले दो व्यक्ति बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में इलाज के लिए आए थे। दोनों में कोविड के लक्षण दिख रहे थे। ऐसे में डॉक्टरों ने कोविड जांच की सलाह देते हुए 300 बेड के कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया था। यहां पहले की गई जांच की रिपोर्ट संदिग्ध मिली थी। इस पर दूसरी बार नमूना लिया गया, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को निगेटिव आई है। जिसके बाद दोनों मरीजों को मेडिसिन में वार्ड में शिफ्ट कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, देवरिया के रहने वाले 15 वर्षीय संक्रमित किशोर की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए नमूना दिल्ली भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट तीन से चार दिनों के अंदर आने की उम्मीद है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि दोनों संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
 
कॉलेज में बढ़ती जा रही संदिग्ध मरीजों की संख्या
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में कोविड संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि लगातार मेडिसिन की ओपीडी में कोविड के लक्षण वाले मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। अधिकांश मरीजों को लंबे समय तक बुखार, फेफड़े में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें देखने को मिल रहीं हैं। ऐसे मरीजों के कोविड जांच के लिए नमूने भी आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि रिपोर्ट निगेटिव देखने को मिल रही है। लेकिन, मरीजों को यह सलाह दी जा रही है कि एक बार चेस्ट का सीटी स्कैन जरूर करा लें।
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