सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया जो भी संक्रमित पाए गए हैं, उन सभी के गांव व कॉलोनी को सील कर सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है। उनके संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश की जा रही है। सर्वे करके संपर्क में आने वाले लोगों के नमूने लिए जाएंगे।
वसुंधरा एन्क्लेव में सनसनी
वसुंधरा एन्क्लेव में कोरोना पॉिजिटिव व्यक्ति के मिलने के बाद पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया है। एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ ने मामले की जानकारी लेते हुए वसुंधरा एन्क्लेव को सील करा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को 22 नंबर ब्लॉक से लोगों का सर्वे कर नमूना भी लेगी।
घर में छह कर्मियों के अलावा छह रिश्तेदार भी है
गोरखपुर विवि का कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग नहीं कर रहा है। कर्मचारी की पत्नी बुधवार को संक्रमित मिली है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची। इस दौरान घर के सदस्यों ने पूरी सूचना नहीं दी। इतना ही नहीं घर में छह रिश्तेदारों के होने की जानकारी भी टीम को नहीं दी गई।
बताया जाता है कि विवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में तैनात क्लर्क गोरखनाथ के आदित्यपुरी में रहता है। बुधवार को उसकी पत्नी में संक्रमण की पुष्टि हुई है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कर्मचारी के घर पहुंची। इसमें अर्बन हेल्थ पोस्ट गोरखनाथ की डॉ. अनुला गुप्ता, फार्मासिस्ट शैलेष कुमार साहनी, एएनएम प्रियंका जायसवाल, प्रियंका सिंह, राजमति सिंह, किरन मौर्या और आशा कार्यकत्री रूखसार खातून शामिल थीं।
उन्होंने बताया कि पहले तो परिवार ने कोई सूचना ही नहीं दी। वह सामान्य जानकारी भी नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने घर में मौजूद सदस्यों की सूचना छिपाई। इसकी जानकारी टीम को वहां से वापस लौटने के बाद मिली। इसके बाद दोबारा टीम गई। इस बार टीम से ठीक से बात तक नहीं की गई। दबाव देने के बाद किसी तरह परिजनों ने बताया कि परिवार के छह सदस्यों के अलावा घर में छह रिश्तेदार भी मौजूद हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना के व्हील शाप में कार्यरत कर्मचारी के कोरोना संक्रमित होने के बाद संपर्क में आए 85 कर्मचारियों को चिन्हित कर लिया गया है। इन सभी की सैंपलिंग शुक्रवार को कराई जाएगी। हालांकि अगले आदेश तक सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
कारखाना में कार्यरत धर्मपुर, शाहपुर निवासी एक कर्मचारी की रिपोर्ट 16 जून को पाजिटिव आई थी। 12 जून को ही उसकी तबीयत खराब हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर रेलवे अस्पताल ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। जहां उसके नमूने लेकर जांच कराई गई।
रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद मेडिकल कॉलेज में ही उसे भर्ती कराया गया है। इसके बाद रेल प्रशासन ने व्हील शाप एवं इसके आसपास की शाप एवं क्षेत्रों को सेनिटाइज कराने का काम शुरू करा दिया। व्हील शाप को 19 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है।