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गोरखपुर में एक और कोरोना पॉजिटिव शख्स की मौत, पांच दिन पहले मुंबई से आया था घर

Sun, 17 May 2020 08:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
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गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के नवापार निवासी 60 वर्षीय शख्स की कोरोना से मौत हुई है। रविवार की सुबह तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से परिजन बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मौत के बाद ट्रैवेल हिस्ट्री और बीमारी के आधार पर उसका नमूना जांच के लिए भेजा गया था। जहां देर शाम उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गोरखपुर में कोरोना संक्रमित की यह पहली मौत है।

जानकारी के अनुसार नवापार का रहने वाल 60 वर्षीय शख्स मुंबई रहता था। 13 मई को अपने गांव के कुछ लोगों के साथ घर आया था। आने के बाद से ही उसकी तबीयत खराब हो गई थी।
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वह सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित था। आसपास के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहा था। रविवार की सुबह आठ बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत कॉलेज में पहुंचने से पहले ही हो गई थी।

ट्रैवेलर से आए थे उसके साथ 30 लोग

शख्स मुंबई से ट्रैवेलर बुक करके 30 अन्य व्यक्तियों के साथ आया था। इसमें 12 लोग इसके गांव के शामिल थे। जबकि अन्य महराजगंज जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पॉजिटिव आने की सूचना के बाद गांव के उन 12 लोगों को गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन करा दिया गया है। साथ ही उनके परिवारों को होम क्वांरटीन की सलाह दी गई है। इसके अलावा महराजगंज जिले लोगों की तलाश के लिए वहां के सीएमओ को इसकी जानकारी दी गई है।

मेडिकल कॉलेज में मरीज के साथ आए थे चार लोग
मरीज के साथ उसकी पत्नी, भाई, साला समेत चार लोग आए थे। वह 108 नंबर एंबुलेंस से उसे लेकर मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे थे। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर एक ने इमरजेंसी पर्ची कटवाई। ट्रॉली मैन ने एंबुलेंस से मरीज उतरवाकर ट्रॉमा सेंटर के बाहर पहुंचाया।

मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट ने हिस्ट्री पूछी। इसके बाद ट्रामा सेंटर में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने देखने के बाद मृत घोषित किया। एंबुलेंस के ब्रदर ने उसे बाहर निकलवाया था। ऐसे में इनमें संक्रमण से इन्कार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल जांच के बाद ही इसकी सही जानकारी मिल सकेगी।

 
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रिपोर्ट के आने के बाद सौंपा गया परिजनों को शव

मौत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शव को सुरक्षित रखवा लिया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मृतक का शव को अच्छी तरह से पैक कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस व स्वास्थ्य टीम की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

गांव में हड़कंप, सील किया गया
रिपोर्ट पॉजिटिव की सूचना पर आनन-फानन में प्रशासन और पुलिस बल की टीम गांव पहुंच गई। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया है। पूरे गांव को सील करते हुए प्रशासन की देखरेख में उसे सैनिटाइज कराया गया है।

एसपी नाथ अरविंद कुमार पांडेय, सीओ कैंपरियगंज के साथ गां में पहुंचकर जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के एक-एक व्यक्ति का ब्योरा तैयार कराने का निर्देश दिया है। साथ ही पांच दिनों में वह व्यक्ति किससे मिला, उससे मिलने वाले लोगों के सपंर्कियों व अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि उसकी मौत रास्ते में ही हो गई थी। शव से इंफेक्शन नहीं फैलता है। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे दूर से देखा था। इसलिए किसी को क्वारंटीन नहीं कराया गया है। शव परिजनों को दे दिया गया। साथ आए चारोंलोगों को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है।
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