तीन घंटे का पैदल सफर तय करके कस्बा बखिरा पहुंचे। एक युवक ने बताया कि उसे पैर में तकलीफ है। प्लास्टर बांधकर वह किसी तरह से घर पहुंचा। लोगों का आरोप है कि उन्हें क्वारंटीन के दौरान बासी खाना दिया जाता रहा। इससे कुछ लोगो की तबीयत भी बिगड़ गई। शोरगुल मचाने पर उन लोगों को बाद में ताजा भोजन का इंतजाम कराया गया।
लोगों ने आरोप लगाया कि बखिरा पुलिस चौकी के बगल का रास्ता सील है। रसीद दिखाने के बाद भी उन लोगों को कस्बे के भीतर आने से रोक दिया गया था। घंटे भरे बाद वह किसी तरह से अंदर अपने घर जा पाएं।
सीएमओ डॉक्टर हर गोविंद सिंह ने बताया कि शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार डिस्चार्ज होने पर क्वारंटीन हुए लोगों को घर छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं है। उनके परिजन अब निजी साधनों से घर ले जाएंगे। जहां तक रहा सवाल बासी भोजन देने का तो आरोप गलत है। भोजन की जांच होती है और ताजा भोजन दिया जाता है।