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कोरोना का कहर: मां की तेरहवीं पर एकलौते बेटे की मौत, पिता बोले- मेरा तो संसार ही उजड़ गया

Fri, 14 May 2021 09:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शख्स की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही परिवार में मचा कोहराम मच गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मां की मौत के बाद तेरहवीं पर ब्राह्मण भोजन कर रहे थे तभी कोरोना से जूझ रहे एकलौते बेटे की मौत की खबर आ गई। यह सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 
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जिले के पाली ब्लाक के ग्राम डुमरी निवासी रामकवल राज की पत्नी शांति देवी (65) का घर पर ही अचानक कुछ दिन पहले तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाने की तैयारी करते उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। 

परिवार के लोग कर्मकांड में लगे ही थे कि उसी दिन इनके एकलौते बेटे हरेंद्र प्रताप राज (45) की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिवार के लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार ले गए जहां जांच के बाद रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। परिजनों ने किसी तरह हिम्मत जुटा कर बेटे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। 
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उधर, रामकवल राज (70) पत्नी की मौत के दर्द को सीने में दबाए प्रतिदिन बेटे की देखभाल को मेडिकल कॉलेज जाते रहे। बेटे के अस्पताल में तीमारदारी के अलावा इधर पत्नी के क्रियाकर्म की भी जिम्मेदारी निभा रहे थे। गुरुवार को पत्नी की तेरहवीं का कार्यक्रम चल ही रहा था कि अस्पताल से इस परिवार को दुखभरी सूचना मिली। 

पता चला कि उनके बेटे हरेंद्र प्रताप की भी सांसे उखड़ गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता दहाड़े मारकर रोने लगे। बिलखते हुए बोले कि मेरा तो संसार ही उजड़ गया। यह देख वहां मौजूद सभी की आंखे नम हो गईं।

हरेंद्र प्रताप राज के तीन संताने देवांश (18), आयुष (14), साक्षी (16) हैं। मौत की खबर मिलते पूरे परिवार मे कोहराम मच गया। बुढ़े बाप पर कोरोना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बेटे की मौत से गांव के लोग दुःखी हैं।
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