प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कोरोना महामारी के बीच इससे और भी ज्यादा बचने की जरूरत है। कोरोना वायरस का असर भी फेफड़ों पर पड़ रहा है। अगर एक साथ दोनों का संक्रमण हो जाएगा तो मामला गंभीर हो सकता है। जिले में सीओपीडी मरीजों की संख्या 35-40 हजार के बीच होगी। सीओपीडी को आसान भाषा में क्रॉनिक यानी लंबी बीमारी, ऑब्सट्रक्टिव यानी सांस की नली में सिकुड़न, पल्मोनरी डिजीज यानी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी कहते हैं।