वाटर पार्क की जमीन पर अवैध तरीके से मैरिज हाॅल चलाने की शिकायत वर्ष 2019 में हुई थी। तब जांच के बाद जीडीए अधिकारियों ने उसे सील कर दिया। जीडीए ने वाटर पार्क का आवंटन करते समय ही अतिरिक्त निर्माण नहीं किए जाने की बात कही थी। जबकि पार्क के साथ पाथवे बनाने की शर्तों के साथ इसका अनुबंध हुआ था, लेकिन बाद में संचालकों ने पांच मैरिज हाॅल बना लिए।
इस मामले में जीडीए की ओर से वर्ष 2019 में कैंट थाने में केस दर्ज कराया गया था। जीडीए के अवर अभियंता रमापति वर्मा की तहरीर पर 17 जून 2019 को वाटर पार्क के साझेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत छह धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
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मामले की जांच के दौरान पार्क का सील तोड़ने, वाटर पार्क में अनाधिकृत उपयोग करने सहित अन्य आरोपों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य नहीं पाए गए। इसके आधार पर अभियुक्तों की ओर से हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 23 फरवरी 2021 को केस बंद करने का आदेश दिया था।
सीएम योगी ने गोरखपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 5000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल बनाने का निर्देश दिया है। इसलिए जीडीए के अधिकारी जमीन की तलाश में जुटे थे। शुक्रवार को जीडीए की ओर से पार्क की जमीन का समतलीकरण कराया गया।
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कर्मचारियों के मुताबिक, इस कन्वेंशन हाॅल में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय बैठकें, गोष्ठी, आयोजन, प्रदर्शनी आदि आयोजन हो सकेंगे। इसके लिए कुल 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यह जमीन जीडीए की है। इसमें 25 एकड़ भूमि में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसलिए शुक्रवार को जमीन को बराबर कराने का काम शुरू किया गया है। जल्द ही इस योजना पर आगे का काम शुरू हो जाएगा।