दो बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों को भेजा जा चुका है जेल।
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गोरखपुर जिले के मोहद्दीपुर स्थित बैंक शाखा में बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क मांगने वाला तीसरा आरोपी लाइनमैन चौथे दिन भी नहीं मिला। पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास करती रही। जबकि दो सहयोगियों को कैंट पुलिस ने सोमवार को मोहद्दीपुर चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। बिजली निगम की टीम ने जांच पूरी करने के बाद मंगलवार को रिपोर्ट एसई ऑफिस में सौंप दी।
सूत्रों ने बताया कि बैंक मैनेजर, भवन स्वामी और निलंबित एक्सईन, एसडीओ और जेई का बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की गई है। जबकि, घूस की रकम मांगने की शिकायत करने वाले तथाकथित वेंडर का बयान दर्ज नहीं हो सका है। जांच टीम उनसे संपर्क करने का प्रयास करती रही, लेकिन मोबाइल नंबर बंद मिला।
सूत्रों ने बताया कि जांच रिपोर्ट में भवन स्वामी और मैनेजर ने वीडियो वायरल या सुविधा शुल्क मांगे जाने की बात की पुष्टि नहीं की है। मैनेजर ने खर्चा मांगने और उनके द्वारा इंकार किए जाने की बात कही है। जबकि, भवन स्वामी ने बिजली के खंभे पर लाइनमैन को चढ़ते और लाइन जोड़ते देखने की बात कही है। अधीक्षण अभियंता शहरी लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है।
घंटे भर से अधिक समय बैंक जाकर भी टीम ने लिया जायजा
टीम ने सोमवार को करीब एक घंटे से अधिक समय तक बैंक में मामले की जांच की। वहां से जरूरी लोगों के बयान भी दर्ज किए। सूत्रों ने बताया कि एक दिन पहले मुख्य अभियंता भी भवन स्वामी का बयान रिकॉर्ड कर चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद ही निलंबित अभियंताओं की सजा पर प्रबंधन आगे फैसला करेगा।