रक्षाबंधन के दिन बृहस्पतिवार को सावन खत्म हो गया। दो महीन के इंतजार के बाद नॉनवेज के शौकीनों ने शुक्रवार को दावत की तैयारियां शुरू कर दीं। कुछ ने तो बकरों और मुर्गों का एडवांस तक जमा कर दिया है। वहीं होटल, रेस्टोरेंट और ढ़ाबों में भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ये तैयारियां बता रही हैं कि अब मुर्गाें-बकरों की शामत आने वाली है।
इस बार सावन के बीच में ही मलमास पड़ने से लोगों ने दो महीने तक मांसाहारी भोजन से परहेज किया। इससे मुर्गा-बकरे की खपत न के बराबर हो गई थी। लेकिन, सावन खत्म होने के साथ ही शहर के ढाबों और रेस्टोरेंट में एक बार फिर से इनकी डिमांड बढ़ जाएगी।
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बकरे कारोबारी शमशाद अहमद खान और भोला के मुताबिक, शहर में 200 से ज्यादा मुर्गे के बड़े व छोटे दुकानें हैं। शुक्रवार को जो मांग है, उसके मुताबिक 40 से 50 क्विटंल मुर्गे की खपत हो जाएगी। मोहद्दीपुर में कुरैशी मटन शॉप के शानू बताते हैं, उनके यहां शुक्रवार को 15 से ज्यादा बकरों की खपत हो सकती है। सावन भर एक से दो बकरा ही कट पाता था।
वहीं शहर में 100 से ज्यादा मटन शॉप हैं। अगर एक दुकान से दो से तीन बकरे भी कटते हैं तो 300 से ज्यादा बकरे कट जाएंगे। तारामंडल में द ब्लू तॉज रेस्टोरेंट के निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि सावन के पहले दिन सिर्फ बकरे की खपत की उम्मीद 15 किलो है। जबकि, 20 किलो के आसपास मुर्गा मंगाया है।
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