बाल स्वास्थ्य पोषण माह (बीएसपीएम) अभियान के दौरान इस बार लाभार्थियों को घर से चम्मच लाने की सलाह दी गई है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता उन्हें प्रेरित भी करेंगी।
कोविड-19 को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह एहतियाती कदम उठाया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अभियान 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है और यह एक माह तक चलेगा। अभियान के लिए विटामिन-ए की पर्याप्त डोज जिले में उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय समेत सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह अभियान आईसीडीएस विभाग के सहयोग से चलेगा। उनके साथ भी समन्वय बैठक की जा चुकी है। ब्लॉक स्तर से आशा कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देशित किया जा रहा है कि वह लाभार्थियों के परिजनों को घर से चम्मच लाकर सोमवार, बुधवार और शनिवार के टीकाकरण सत्रों पर बच्चे को विटामिन-ए का डोज दिलवाने के लिए प्रेरित करें।
नौ माह से एक साल तक के बच्चे को एक एमएल डोज, जबकि एक साल से अधिक उम्र के बच्चों को दो एमएल डोज दिया जाएगा। इस डोज के लेने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। चमड़े और बालों से संबंधित बीमारियों से बचाव होता है और खासतौर से रतौंधी की बीमारी से भी बच्चा प्रतिरक्षित हो जाता है। अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता लाभार्थी परिवारों को विटामिन-ए का महत्व और शीघ्र स्तनपान के लिए प्रेरित करेंगी और आयोडिन किट से आयोडिन की जांच भी करेंगी।