- मानीराम से जगदीशपुर तक बन रही करीब 26.6 किमी फोरलेन, गोरखपुर-सोनौली मार्ग से जुड़ेगी
- परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1200 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। भारत माला परियोजना के तहत निर्माणाधीन जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का काम जोरों पर है। यह लगभग 26.6 किलोमीटर लंबी सड़क मानीराम से जगदीशपुर तक बन रही है, जो गोरखपुर-सोनौली मार्ग से जुड़ेगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1200 करोड़ रुपये है।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, अक्तूबर 2026 तक इस महत्वपूर्ण रिंग रोड को पूरा कर जनता को सौंपने का लक्ष्य है। सड़क के मानीराम छोर पर रोहिन नदी के किनारे 560 मीटर लंबा घुमावदार हिस्सा तैयार किया गया है, जहां से यह जगदीशपुर की ओर बढ़ रही है। नदी के पास करीब 60 फीट ऊंची कंक्रीट दीवार निर्माण के बाद चारकोल और कंक्रीट की सड़क तैयार हो चुकी है।
मानीराम में ओवरब्रिज का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसके नीचे गोरखपुर-सोनौली मार्ग है। इससे यात्री सीधे सोनौली या गोरखपुर की दिशा में जा सकेंगे। फोरलेन के अन्य हिस्सों में रेत भराई, समतलीकरण और ऊंचाई बढ़ाने का कार्य जारी है। मानीराम क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए सड़क की ऊंचाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस रिंग रोड के चालू होने से उत्तरी गोरखपुर में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। वहीं, कुशीनगर से नेपाल जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी सुविधा होगी। सर्विस लेन के जरिये बालापार-गांगी बाजार सड़क से भी जुड़ेगी, जिससे आयुष विश्वविद्यालय तक जाना सुगम होगा। इस संबंध में सीओ ट्रैफिक गोरखपुर विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि फोरलेन पूरा होने पर उत्तरी गोरखपुर के यातायात में सुधार होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत बनेगी।
वर्जन
कार्यदायी संस्था को अक्तूबर 2026 तक फोरलेन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके चालू होने पर यातायात सुगम होगा और गोरखपुर के विकास में नई गति आएगी।
- ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई