गोरखपुर जिले की नौ विधानसभा क्षेत्रों में से किसी भी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत नहीं बची। प्रत्याशियों को नोटा (इनमें से कोई नहीं) से बस कुछ ही ज्यादा वोट हासिल हुए। सबसे खराब स्थिति चिल्लूपार की रही, जहां सोनिया शुक्ला को मात्र 1369 वोट हासिल हुए। जबकि, इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने 1,951 वोट नोटा को दिया। गोरखपुर ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र निषाद महारा की स्थिति भी कमोवेश यही रही। उन्हें मात्र 1,492 वोट हासिल हुए।
| विधानसभा क्षेत्र |
वोट |
प्रत्याशी |
नोटा |
| गोरखपुर शहर |
2,726 |
डॉ. चेतना पांडेय |
1,041 |
| गोरखपुर ग्रामीण |
1,492 |
देवेंद्र निषाद महारा |
1,041 |
| खजनी |
2,197 |
रजनी देवी |
1,381 |
| सहजनवां |
3,315 |
मनोज यादव |
1,590 |
| पिपराइच |
1,971 |
सुमन चौहान |
1,309 |
| कैंपियरगंज |
2,588 |
सुरेंद्र निषाद |
1,149 |
| चिल्लूपार |
1,369 |
सोनिया शुक्ला |
1,951 |
| बांसगांव |
1,966 |
पूनम आजाद |
1,396 |
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा कि जीत हार तो अपनी जगह है, लेकिन जनता का फैसला सिर आंखों पर। गोरखपुर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्र की सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने पुरजोर मुकाबला किया। लेकिन, जब देश फिर से गुलामी की ओर बढ़ेगा तो लोग फिर से कांग्रेस पार्टी की ओर लौटेंगे।