गोरखपुर में कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेसियों ने पैदल मार्च नहीं निकाल सके। पुलिस ने उन्हें थोड़ी ही दूर पर रोक दिया। विरोध में कांग्रेसी धरने पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया लेकिन थोड़ी देर के बाद छोड़ दिया।
बता दें कि गुरुवार को कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेसी निर्धारित रूट गोलघर स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा से शास्त्री चौक तक आधा किलो मीटर से भी कम की दूरी '3 किलोमीटर का पैदल मार्च' के नाम से निकालने के लिए इंदिरा गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे।
दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेसियों ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास से पैदल मार्च करना शुरू किया लेकिन कुछ ही कदम के बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान और महानगर अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए एक फंदे की तरह है जिसके जरिए किसान पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बन जाएंगे। कांग्रेस पार्टी इसको किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फिर पुलिस ने कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया।
हालांकि थोड़ी देर के बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। इस दौरान त्रिभुवन नारायण मिश्रा, दिलीप कुमार निषाद, साहिल विक्रम तिवारी, रोहन पांडे, राकेश मौर्या, आशीष प्रताप सिंह, प्रभात चतुर्वेदी, उषा श्रीवास्तव, डॉ. पीएन भट्ट, अनिल दुबे, जितेंद्र विश्वकर्मा, श्याम शरण श्रीवास्तव, तौकीर आलम, प्रणव उपाध्याय आदि मौजूद रहे।